शिक्षामित्र के लिए बड़ी खुशखबरी: अपर मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश, क्या कहते हैं प्रदेश सचिव?

शिक्षामित्र के लिए बड़ी खुशखबरी: अपर मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश, क्या कहते हैं प्रदेश सचिव?

Good news for Shiksha Mitra: The order has arrived: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षामित्र के मानदेय में वृद्धि को लेकर अपर मुख्य सचिव ने पत्र जारी किया है। यह पत्र महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ के लिए जारी हुआ है जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में अध्यापक और छात्र अनुपात को बनाए रखना एवं बेसिक शिक्षा में शासनादेश दिनांक 26 मई 1999 के अनुक्रम में शिक्षामित्र योजना आरंभ की गई थी। इधर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश सचिव सुधाकर तिवारी ने प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है और शिक्षामित्र को भी बधाई दी।

142929 शिक्षामित्र कार्यरत

उत्तर प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षामित्र को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। उन्होंने आदेश पत्र में लिखा है कि एक
वर्तमान समय में प्रदेश में कुल 142929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। जिनके मानदेय में वृद्धि की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से की गई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष व प्रदेश सचिव सुधाकर तिवारी ने प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही शिक्षामित्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अभी उनकी कुछ ऐसी मांगे हैं जिन्हें पूरा करना अति आवश्यक है, जिनमें 62 साल और 12 महीने की नौकरी मुख्य है।

क्या कहते हैं शिक्षामित्र संघ के प्रदेश सचिव?

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने कहा कि 2017 के बाद जब से समायोजन निरस्त हुआ था तब से अब 9 साल बाद उम्मीद की किरण जगी है। लेकिन अभी संतुष्टि नहीं है। यह आंशिक व्यवस्था है जिससे शिक्षामित्र की व्यवस्थाएं चल सकती हैं। लेकिन उनकी कुछ प्रमुख मांगे भी हैं। 12 महीने मानदेय और 62 साल की नौकरी मुख्य मांग है। सीएल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बाकी हैं। उन्होंने संघ की तरफ से मांग की शिक्षामित्र की आर्थिक स्थिति और मजबूत की जाए।

क्या कहते हैं अपर मुख्य सचिव?

दूसरी तरफ अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मानदेय में 10000 से 18000 रुपए करने का आदेश जारी किया है। लेकिन यह 11 महीने ही दिया जाएगा। स्कूल महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजे गए पत्र में प्रमुख सचिव ने बताया है कि शासन की तरफ से उन्हें कहने के लिए आदेश दिया गया है कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षामित्र को वर्तमान समय में ₹10000 प्रतिमाह दिया जा रहा है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से नियत मानदेय 18000 रुपए प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है और यह 11 महीने दिया जाएगा।

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