जमुई जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। लोग रसोई के लिए तेजी से इंडक्शन चूल्हों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत में अचानक वृद्धि हुई है। इस बढ़ते लोड के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पावर कट, ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ने और शॉर्ट सर्किट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। पहले जहां शाम को सामान्य लोड रहता था, वहीं अब यह पीक लोड में बदल गया है। सीमित क्षमता वाले ट्रांसफार्मर इस दबाव को झेलने में असमर्थ साबित हो रहे हैं, जिससे बार-बार बिजली गुल होने की समस्या आम हो गई है। लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया
बीते दिनों मलयपुर के कई इलाकों में देर रात अचानक लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया। इसके परिणामस्वरूप पूरा क्षेत्र लगभग पांच घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा, और मोबाइल चार्जिंग व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई
वहीं, कोल्हुआ केवाल गांव स्थित बजरंगबली मंदिर के पास एक बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्थानीय युवाओं की तत्परता से बाल्टी से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गैस सिलेंडर 20-22 दिनों में मिल जाता था, लेकिन अब इसके लिए 40-45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शॉर्ट सर्किट की शिकायतें भी अधिक मिल रही
इस मजबूरी के कारण अधिकांश परिवार इंडक्शन चूल्हों का उपयोग करने को विवश हैं। बरहट विद्युत आपूर्ति शाखा के कनीय अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि इन दिनों बिजली पर लोड बढ़ा है और शॉर्ट सर्किट की शिकायतें भी अधिक मिल रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करें और एक साथ अधिक लोड न डालें। जमुई जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। लोग रसोई के लिए तेजी से इंडक्शन चूल्हों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत में अचानक वृद्धि हुई है। इस बढ़ते लोड के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पावर कट, ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ने और शॉर्ट सर्किट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। पहले जहां शाम को सामान्य लोड रहता था, वहीं अब यह पीक लोड में बदल गया है। सीमित क्षमता वाले ट्रांसफार्मर इस दबाव को झेलने में असमर्थ साबित हो रहे हैं, जिससे बार-बार बिजली गुल होने की समस्या आम हो गई है। लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया
बीते दिनों मलयपुर के कई इलाकों में देर रात अचानक लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया। इसके परिणामस्वरूप पूरा क्षेत्र लगभग पांच घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा, और मोबाइल चार्जिंग व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई
वहीं, कोल्हुआ केवाल गांव स्थित बजरंगबली मंदिर के पास एक बिजली के पोल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्थानीय युवाओं की तत्परता से बाल्टी से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गैस सिलेंडर 20-22 दिनों में मिल जाता था, लेकिन अब इसके लिए 40-45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शॉर्ट सर्किट की शिकायतें भी अधिक मिल रही
इस मजबूरी के कारण अधिकांश परिवार इंडक्शन चूल्हों का उपयोग करने को विवश हैं। बरहट विद्युत आपूर्ति शाखा के कनीय अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि इन दिनों बिजली पर लोड बढ़ा है और शॉर्ट सर्किट की शिकायतें भी अधिक मिल रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करें और एक साथ अधिक लोड न डालें।


