भारतीय पिस्टल और राइफल निशानेबाज सोमवार से होने वाले सत्र के शुरुआती आईएसएसएफ विश्व कप में पिछले साल के अपने दबदबे वाले प्रदर्शन को जारी रखने के संकल्प के साथ उतरेंगे।
भारतीय पिस्टल और राइफल निशानेबाजों के लिए विश्व कप का पिछला सत्र शानदार रहा था, जहां उन्होंने लगभग हर प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए नए मानदंड स्थापित किए।
मोरक्को में आयोजित शॉटगन विश्व कप में निराशाजनक शुरुआत के बाद भारतीय निशानेबाजों का सारा ध्यान पिस्टल और राइफल स्पर्धाओं पर केंद्रित है। भारत का पिस्टल और राइफल से जुड़ी स्पर्धाओं में पारंपरिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है।
टीम नए सिरे से जीत की मानसिकता के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए उत्सुक होगी, जिसे ओलंपियन रिदम सांगवान, अंजुम मौदगिल और मेहुली घोष सहित देश के कुछ बेहतरीन निशानेबाजों की उपस्थिति से बल मिलेगा।
टीम को हालांकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और विश्व चैंपियन सम्राट राणा के अनुभव की कमी खलेगी, क्योंकि वे दल का हिस्सा नहीं हैं।
राष्ट्रीय महासंघ की रोटेशन नीति के तहत राष्ट्रीय टीम के सभी सदस्यों को हुनर दिखाने का मौका सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी पिस्टल निशानेबाज भाकर, सुरुचि इंदर सिंह और सम्राट राणा सहित अन्य खिलाड़ी मई में म्यूनिख में होने वाले पिस्टल और राइफल विश्व कप में भाग लेंगे।
सत्र के शुरुआती विश्व कप में भाग लेने वाली टीम में हालांकि सितारों की कोई कमी नहीं है। इनमें पिस्टल निशानेबाज संगवान पिछले दो वर्षों में विश्व कप में पदक से चूकने के सिलसिले को पीछे छोड़ने के साथ एशियाई खेलों में चयन के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने के उद्देश्य से पोडियम पर जगह बनाने के लिए उत्सुक होंगी।
अनुभवी राइफल निशानेबाज अंजुम और मेहुली भी पिछले निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नए सत्र में उतर रही हैं और इस महत्वपूर्ण वर्ष में एक मजबूत छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगी।
इसी तरह, 32 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी और महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री-पोजिशन स्पर्धा की विशेषज्ञ अंजुम निराशाजनक सत्र के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म को फिर से हासिल करने के लिए उत्सुक होंगी। इस साल की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में उनका कांस्य पदक उन्हें विश्व कप से पहले आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान कर सकता है।
टीम का सबसे उत्साहजनक पहलू लगभग तीन साल बाद मूक एवं बधिर 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत की विश्व कप टीम में वापसी है। 23 वर्षीय श्रीकांत पिछली बार बाकू में आयोजित 2022 विश्व कप में खेले थे और तब से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने तोक्यो डेफलंपिक के पुरुषों की 10 मीटर राइफल में रिकॉर्ड (252.2 अंक) स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
भारतीय दल:
पुरुष10 मीटर एयर राइफल: गजानन खंडागले, अर्शदीप सिंह, धनुष श्रीकांत।
50 मीटर राइफल थ्री-पी: नीरज कुमार, अखिल श्योराण, चैन सिंह।
10 मीटर एयर पिस्टल: मुकेश नेलवल्ली, उज्जवल मलिक, प्रमोद।
25 मीटर रैपिडफायर: विजयवीर सिद्धू, नीरज कुमार, अंकुर गोयल।
महिला:
10 मीटर एयर राइफल: सोनम मास्कर, श्रुति, मेहुली घोष।
50 मीटर राइफल 3-पी: आयुषी पोद्दार, अंजुम मौदगिल, सुरभि रापोल।
10 मीटर एयर पिस्टल: पलक, सैन्यम, मीनू पाठक।
25 मीटर पिस्टल: रिदम सांगवान, सिमरनप्रीत कौर बराड़, दिव्या टीएस।
मिश्रित टीम:
एयर राइफल: गजानन खंडागले / सोनम मास्कर; अर्शदीप सिंह / श्रुति।
एयर पिस्टल: मुकेश नेलवल्ली / पलक; उज्जवल मलिक / सैन्यम।
भारतीय पिस्टल और राइफल निशानेबाज सोमवार से होने वाले सत्र के शुरुआती आईएसएसएफ विश्व कप में पिछले साल के अपने दबदबे वाले प्रदर्शन को जारी रखने के संकल्प के साथ उतरेंगे।
भारतीय पिस्टल और राइफल निशानेबाजों के लिए विश्व कप का पिछला सत्र शानदार रहा था, जहां उन्होंने लगभग हर प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए नए मानदंड स्थापित किए।
मोरक्को में आयोजित शॉटगन विश्व कप में निराशाजनक शुरुआत के बाद भारतीय निशानेबाजों का सारा ध्यान पिस्टल और राइफल स्पर्धाओं पर केंद्रित है।
भारत का पिस्टल और राइफल से जुड़ी स्पर्धाओं में पारंपरिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है।
टीम नए सिरे से जीत की मानसिकता के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए उत्सुक होगी, जिसे ओलंपियन रिदम सांगवान, अंजुम मौदगिल और मेहुली घोष सहित देश के कुछ बेहतरीन निशानेबाजों की उपस्थिति से बल मिलेगा।
टीम को हालांकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और विश्व चैंपियन सम्राट राणा के अनुभव की कमी खलेगी, क्योंकि वे दल का हिस्सा नहीं हैं।
राष्ट्रीय महासंघ की रोटेशन नीति के तहत राष्ट्रीय टीम के सभी सदस्यों को हुनर दिखाने का मौका सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी पिस्टल निशानेबाज भाकर, सुरुचि इंदर सिंह और सम्राट राणा सहित अन्य खिलाड़ी मई में म्यूनिख में होने वाले पिस्टल और राइफल विश्व कप में भाग लेंगे।
सत्र के शुरुआती विश्व कप में भाग लेने वाली टीम में हालांकि सितारों की कोई कमी नहीं है।
इनमें पिस्टल निशानेबाज संगवान पिछले दो वर्षों में विश्व कप में पदक से चूकने के सिलसिले को पीछे छोड़ने के साथ एशियाई खेलों में चयन के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने के उद्देश्य से पोडियम पर जगह बनाने के लिए उत्सुक होंगी।
अनुभवी राइफल निशानेबाज अंजुम और मेहुली भी पिछले निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नए सत्र में उतर रही हैं और इस महत्वपूर्ण वर्ष में एक मजबूत छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगी।
इसी तरह, 32 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी और महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री-पोजिशन स्पर्धा की विशेषज्ञ अंजुम निराशाजनक सत्र के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म को फिर से हासिल करने के लिए उत्सुक होंगी। इस साल की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में उनका कांस्य पदक उन्हें विश्व कप से पहले आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान कर सकता है।
टीम का सबसे उत्साहजनक पहलू लगभग तीन साल बाद मूक एवं बधिर 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत की विश्व कप टीम में वापसी है। 23 वर्षीय श्रीकांत पिछली बार बाकू में आयोजित 2022 विश्व कप में खेले थे और तब से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने तोक्यो डेफलंपिक के पुरुषों की 10 मीटर राइफल में रिकॉर्ड (252.2 अंक) स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
भारतीय दल:
पुरुष
10 मीटर एयर राइफल: गजानन खंडागले, अर्शदीप सिंह, धनुष श्रीकांत।
50 मीटर राइफल थ्री-पी: नीरज कुमार, अखिल श्योराण, चैन सिंह।
10 मीटर एयर पिस्टल: मुकेश नेलवल्ली, उज्जवल मलिक, प्रमोद।
25 मीटर रैपिडफायर: विजयवीर सिद्धू, नीरज कुमार, अंकुर गोयल।
महिला:
10 मीटर एयर राइफल: सोनम मास्कर, श्रुति, मेहुली घोष।
50 मीटर राइफल 3-पी: आयुषी पोद्दार, अंजुम मौदगिल, सुरभि रापोल।
10 मीटर एयर पिस्टल: पलक, सैन्यम, मीनू पाठक।
25 मीटर पिस्टल: रिदम सांगवान, सिमरनप्रीत कौर बराड़, दिव्या टीएस।
मिश्रित टीम:
एयर राइफल: गजानन खंडागले / सोनम मास्कर; अर्शदीप सिंह / श्रुति।
एयर पिस्टल: मुकेश नेलवल्ली / पलक; उज्जवल मलिक / सैन्यम।
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