Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में हालात अचानक और भी ज्यादा गंभीर हो गए हैं। US के दो मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश होने की खबरों के बाद इजराइल ने तेजी से जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर बड़ा हमला कर दिया। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उसने तेहरान में कई अहम मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल ईरान की सुरक्षा और मिसाइल सिस्टम के लिए किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया, जिसमें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक एरियल डिफेंस फैसिलिटी भी शामिल थी। यह वही सिस्टम था, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार रखता है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
हमले की ईरान ने की पुष्टि
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यूएस के दो एयरक्राफ्ट पहला F-15 के एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है।
खास बात ये है कि US एयरक्राफ्ट का एक के बाद एक नुकसान US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दावे के तुरंत बाद हुआ कि US एयरक्राफ्ट ईरानी सेना और तेहरान के ऊपर से उड़ रहे हैं, लेकिन वे कुछ नहीं कर सकते।
इस बीच, ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक शनिवार को देश के दक्षिण-पश्चिमी खुजस्तान प्रांत में कई पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर अमेरिका और इजराइल की ओर से हमले किए गए। इन हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हो गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों को निशाना बनाया गया उनमें फज्र 1 और 2, रीगल, अमीरकबीर, बंदर इमाम और बुआली सिना शामिल हैं। यह हमला स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10:47 बजे हुआ।
खुजस्तान के सुरक्षा मामलों के डिप्टी गवर्नर वलीउल्लाह हयाती ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि खोर्रमशहर शहर के शालमचेह बॉर्डर ट्रेड टर्मिनल पर भी हमला हुआ, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा को देखते हुए महशहर के स्पेशल पेट्रोकेमिकल जोन को खाली करा लिया गया है, जहां ये सभी कंपनियां स्थित हैं।



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