महाराजा रीवा ने उमरिया एयर स्ट्रिप विस्तार की मांग:बोले-बांधवगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एयर कनेक्टिविटी जरूरी

महाराजा रीवा ने उमरिया एयर स्ट्रिप विस्तार की मांग:बोले-बांधवगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एयर कनेक्टिविटी जरूरी

रीवा राजघराने से जुड़े वरिष्ठ नेता महाराजा रीवा शुक्रवार को अल्प प्रवास पर उमरिया पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिले के पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके समुचित विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। एयर स्ट्रिप विस्तार से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा महाराजा रीवा ने विशेष रूप से उमरिया एयर स्ट्रिप के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि इसकी लंबाई 150 से 200 मीटर तक बढ़ा दी जाए, तो यहां छोटे विमान आसानी से उतर सकते हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा और वे सीधे उमरिया पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से दिल्ली-उमरिया-वाराणसी-अमरकंटक-रीवा-दुबरी को जोड़ते हुए एक नया धार्मिक एवं पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज होंगी, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बौद्ध अवशेषों के संरक्षण से मिल सकती नई पहचान पत्रकार वार्ता में महाराजा रीवा ने क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लगभग दो से तीन वर्ष पहले एएसआई द्वारा कराए गए सर्वे में दूसरी शताब्दी के बौद्ध अवशेष और गुफाओं के प्रमाण मिले थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में प्राचीन समय में बौद्ध धर्म का प्रभाव रहा है और यहां बौद्ध व्यापारी एवं प्रचारक सक्रिय रहे होंगे। उन्होंने कहा कि यदि इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन से जोड़ा जाए, तो उमरिया जिले को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।

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