जिला अस्पताल में बहुप्रतीक्षित कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट (CMSAEU) का संचालन सोमवार से शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस महत्वपूर्ण सुविधा को शुरू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस यूनिट के चालू होने से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। अभी तक, गंभीर चोटों वाले मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में न केवल मरीजों की जान को खतरा रहता था, बल्कि उनके परिजनों को भी इलाज पर अधिक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। नई इमरजेंसी यूनिट इन चुनौतियों का समाधान करेगी और मरीजों को समय पर जीवन रक्षक देखभाल प्रदान करेगी। इस यूनिट के संचालन की मांग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों के साथ गहन चर्चा के बाद इसके संचालन पर अपनी सहमति व्यक्त की, जिससे यह सुविधा अब हकीकत बन पाई है। यह कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट वास्तव में वर्ष 2022 में ही बनकर तैयार हो गई थी। हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया था। जिला अस्पताल की कुल क्षमता 200 बिस्तरों की है और यहां पहले से ही गहन चिकित्सा इकाई (ICU) की सुविधा उपलब्ध है। शुरुआत में, इस ट्रामा सेंटर को पांच बिस्तरों के साथ संचालित किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। यह पहल जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम होगा और गंभीर मामलों में समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित होगा, जिससे मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।


