जीवाजी विश्वविद्यालय:4 अप्रैल को होने वाला बीएससी थर्ड ईयर का पेपर छात्रों को पहले बांटा, पेपर रद्द, अब मई में होगा

जीवाजी विश्वविद्यालय:4 अप्रैल को होने वाला बीएससी थर्ड ईयर का पेपर छात्रों को पहले बांटा, पेपर रद्द, अब मई में होगा

जीवाजी विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बीएससी थर्ड ईयर के फिजिक्स विषय (क्वांटम, एटॉमिक एंड मॉलिक्यूलर फिजिक्स) का प्रश्नपत्र निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले ही खो गया। बताया जा रहा है कि सहायक प्राध्यापक की लापरवाही के कारण ऐसी घटना हुई है। छात्रों ने दावा किया है कि उन्हें गलत पेपर बांटा गया था। तब उन्होंने इसकी जानकारी शिक्षकों को दी। इसके बाद आनन-फानन में शिक्षकों ने छात्रों से पेपर वापस ले लिया। बीएससी थर्ड ईयर की परीक्षा बुधवार से शुरू हुई हैं। पहले ही दिन गलत पेपर खुलने के कारण जेयू की परीक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। एनईपी के तहत पहले दिन मेजर सब्जेक्ट का पेपर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे की पाली में था। बीएससी थर्ड ईयर की परीक्षा में लगभग 20 हजार छात्र शामिल हुए हैं। संबंधित विषय का पेपर लीक होने से छात्रों में नाराजगी है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी कॉलेजों द्वारा छात्रों को गलत पेपर बांटकर लीक करने की घटनाएं घट चुकी हैं। परीक्षा नियंत्रक ने कहा- जल्द जारी होगी नई समय सारिणी वहीं, पेपर लीक होने की आशंका के बीच विश्वविद्यालय ने 4 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा को निरस्त कर दिया है। अब जेयू प्रशासन ने नया पेपर बनाने का प्रस्ताव एक्सपर्ट के पास भेज दिया है। जेयू की परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी के अनुसार यह परीक्षा अब मई में आयोजित की जाएगी, जिसकी नई समय-सारिणी जल्द जारी की जाएगी। हालांकि, विश्वविद्यालय ने निरस्तीकरण का कारण “अपरिहार्य परिस्थितियां” बताया है, जबकि आरोन कॉलेज द्वारा उच्च शिक्षा आयुक्त को दी गई जानकारी के अनुसार पेपर का पैकेट गलत खुल गया। यह गंभीर लापरवाही है। इस मामले में सहायक प्राध्यापक परीक्षा की अधीक्षक डॉ. शामी कुरैशी को हटा दिया गया है। हालांकि, घटना ने परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब पहले से ही कई परीक्षा केंद्रों पर नकल के आरोप लग रहे हैं और छात्र संगठन आंदोलनरत हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे तत्काल परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा कराए जाएं और परीक्षार्थियों को परीक्षा निरस्त होने की सूचना दी जाए। छात्रों में इस फैसले को लेकर असमंजस की स्थिति है। उनका कहना है कि लगातार हो रही गड़बड़ियों से उनकी तैयारी और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं। 2 केंद्रों में पकड़े 12 नकलची अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. के. रत्नम ने शा. कॉलेज इंदरगढ़ में 6 और पहाड़गढ़ में आयोजित स्कूल में जेयू के उड़नदस्ता ने 6 नकलची पकड़े। इस तरह कुल 12 छात्रों के खिलाफ नकल का प्रकरण दर्ज किया गया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को पहाड़गढ़ में तीन घंटे तक जेयू का उड़नदस्ता डेरा जमाए बैठा रहा। समय से पहले पेपर खोलने पर निरस्त कर दिया है शासकीय कॉलेज आरोन में बीएससी थर्ड ईयर का 4 अप्रैल का होने वाला पेपर पहले खोलने का मामला सामने आने के बाद उक्त तारीख की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। -डॉ. राजीव मिश्रा, रजिस्ट्रार, जेयू

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