बागपत विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। मेरठ रोड क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रहे 13 भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी भवन मालिकों को सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर संबंधित भवनों को सील या ध्वस्त कर दिया जाएगा। प्राधिकरण ने नोटिसों में स्पष्ट किया है कि आवासीय या व्यावसायिक निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति का परीक्षण अनिवार्य है। यदि निर्माण बिना अनुमति के पाया जाता है, तो उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित भवन स्वामी की होगी। अवैध मानते हुए सील करने की कार्रवाई प्राधिकरण के अनुसार, यह अभियान मेरठ रोड पर अनियंत्रित निर्माणों को रोकने और क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भविष्य में यातायात, जल निकासी, सुरक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। प्राधिकरण ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित व्यक्ति सात दिनों के भीतर मानचित्र स्वीकृति से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो इसे अंतिम अवसर माना जाएगा। इसके बाद संबंधित भवन को अवैध मानते हुए सील या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नोटिसों में संबंधित लोगों को कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यदि मानचित्र स्वीकृत है, तो उसकी प्रति और संबंधित अनुमोदन पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अव्यवस्थित निर्माण पर रोक लगने और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होने की उम्मीद है। अनधिकृत निर्माण न केवल कानूनी जोखिम पैदा करता है, बल्कि भविष्य में बिजली, पानी, सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ाता है। ऐसी कार्रवाई शहरों को बेहतर ढंग से विकसित करने में सहायक होती है।


