बीजेपी की महिला विंग यानि भाजपा महिला मोर्चा राजस्थान की नई टीम बन गई है। प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने मंगलवार को लंबी सूची जारी कर यह घोषणा की है। इसमें उदयपुर संभाग के महिला नेत्रियों को सबसे कम जगह मिली है। कुल 48 पदाधिकारियों में सूची में प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री जैसे बड़े पद पर 19 में एक भी नाम उदयपुर संभाग से नहीं है। कुल 7 जिलों वाले संभाग से महज 3 महिलाओं को इसमें शामिल किया है। इसमें बांसवाड़ा से निर्मला मकवाना को प्रदेश प्रवक्ता बनाया। जबकि चितौड़गढ़ से वीणा दशोरा को मन की बात कार्यक्रम का सह-संयोजक और उदयपुर से सोनिका जैन को प्रदेश आईटी का सह-संयोजक बनाया है। ऐसे में कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि सत्ता में सबसे ज्यादा भागीदारी निभाने वाले उदयपुर संभाग से कोई काबिल महिला नेत्री नहीं है? जिन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में मौका मिल सके। उदयपुर शहर से इन नामों की चर्चा…. उदयपुर से पूर्व पार्षद सोनिका जैन को प्रदेश आईटी का सह-संयोजक बनाया है, वे उदयपुर से महिला मोर्चा की शहर जिलाध्यक्ष दौड़ में भी थी। सूत्रों के अनुसार अब महिला मोर्चा के शहर जिलाध्यक्ष के लिए पूर्व प्रधान प्रतिभा नागदा का नाम सर्वाधिक चर्चा में हैं। हालांकि नागदा के नाम को लेकर उदयपुर जिला नेतृत्व से प्रदेश नेतृत्व तक कई नेताओं ने उनका नाम पैनल में रखने पर नाराजगी जताते हुए शिकायत की है। प्रतिभा के बडगांव प्रधान रहने के दौरान कई पार्टी कार्यकर्ताओं से विवादों को बताया गया है। कभी पंचायत सहायक रही प्रतिभा नागदा पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर ग्रुप की मानी जाती है, जिनकी पिछले पंचायतीराज चुनाव में पैराशूट एंट्री हुई थी। इसके बाद वो प्रधान बनी। वह किसी संगठन में किसी पद पर नहीं रही हैं। वही, शहर से पूर्व पार्षद राजकुमारी गन्ना और महिला मोर्चा में उपाध्यक्ष रही सुभाषिनी शर्मा भी जिलाध्यक्ष की दौड़ में है। हालांकि इनके लिए अनुभव एक प्लस पॉइंट है, मगर उम्र भी बाधा है। सूत्रों के अनुसार सोनिका जैन भी बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मुंदडा के जरिए लॉबिंग में जुटी हुई थी। उदयपुर देहात से जिलाध्यक्ष के लिए गोपाल कुंवर, नीतू कुंवर और ऋतु अग्रवाल रेस में है। ऋतु निवर्तमान जिलाध्यक्ष है, जबकि नीतू कुंवर महामंत्री रही है। उदयपुर देहात के लिए गोपाल कुंवर का नाम सबसे आगे है। मांडावत और जोशी को कार्यकारिणी में जगह नहीं वहीं प्रदेश में निवर्तमान उपाध्यक्ष पिंकी मांडावत को भी निराश हाथ लगी। वे भी प्रदेश महामंत्री बनने के लिए पूरी लॉबिंग कर रही थी, मगर उन्हें राखी राठौड की टीम में जगह नहीं मिली। वहीं उदयपुर शहर से जिलाध्यक्ष रही कविता जोशी के भी इस बार प्रदेश टीम में शामिल होने की काफी चर्चा थी, मगर उन्हें भी जगह नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार शोभागपुरा सरपंच रह चुकी कविता जोशी खुद प्रदेश टीम की जाने की इच्छुक नहीं थी, इसी कारण वे जयपुर में चल रही ग्रुप लॉबिंग में भी एक्टिव नहीं रही थी।


