शेखपुरा। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक श्वेता कौर की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विकास मित्र शामिल हुए, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सभी लाभार्थियों का अनिवार्य जीवन प्रमाणीकरण 30 मार्च तक पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा संचालित छह प्रकार की पेंशन योजनाओं (वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग) के तहत लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इन सभी पेंशनधारियों के लिए वर्ष में कम-से-कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि 31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं करवाने की स्थिति में पेंशन भुगतान बाधित हो सकता है। जिले के सभी पेंशनधारी किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर निशुल्क जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट काम नहीं करता है, तो आइरिस स्कैन के माध्यम से भी प्रमाणीकरण संभव है। आधार से संबंधित तकनीकी समस्या होने पर नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर आधार अपडेट करने की सलाह दी गई है, ताकि सत्यापन में कोई बाधा न आए। किसी भी अन्य तरह की समस्या होने पर लाभार्थी जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या अपने प्रखंड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अनुसार, जिले में कुल 81,461 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जाना है। अब तक 54,673 (लगभग 67.23%) लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 26,692 पेंशनधारियों (लगभग 32.77%) का सत्यापन अब भी लंबित है। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि जिन लाभार्थियों ने अब तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है, वे इसे शीघ्र पूर्ण कराएं। इससे उनके खाते में समय पर और निर्बाध रूप से पेंशन राशि भेजी जा सकेगी। जिला प्रशासन ने सभी शेष पेंशनधारियों से बिना विलंब अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करवाने का अनुरोध किया है। समय पर सत्यापन पेंशन की निरंतरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। शेखपुरा। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक श्वेता कौर की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विकास मित्र शामिल हुए, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सभी लाभार्थियों का अनिवार्य जीवन प्रमाणीकरण 30 मार्च तक पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा संचालित छह प्रकार की पेंशन योजनाओं (वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग) के तहत लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इन सभी पेंशनधारियों के लिए वर्ष में कम-से-कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि 31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं करवाने की स्थिति में पेंशन भुगतान बाधित हो सकता है। जिले के सभी पेंशनधारी किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर निशुल्क जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट काम नहीं करता है, तो आइरिस स्कैन के माध्यम से भी प्रमाणीकरण संभव है। आधार से संबंधित तकनीकी समस्या होने पर नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर आधार अपडेट करने की सलाह दी गई है, ताकि सत्यापन में कोई बाधा न आए। किसी भी अन्य तरह की समस्या होने पर लाभार्थी जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या अपने प्रखंड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अनुसार, जिले में कुल 81,461 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जाना है। अब तक 54,673 (लगभग 67.23%) लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 26,692 पेंशनधारियों (लगभग 32.77%) का सत्यापन अब भी लंबित है। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि जिन लाभार्थियों ने अब तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है, वे इसे शीघ्र पूर्ण कराएं। इससे उनके खाते में समय पर और निर्बाध रूप से पेंशन राशि भेजी जा सकेगी। जिला प्रशासन ने सभी शेष पेंशनधारियों से बिना विलंब अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करवाने का अनुरोध किया है। समय पर सत्यापन पेंशन की निरंतरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।


