हांसी को 16 दिसंबर 2025 को जिला घोषित किए जाने के बाद पहली बार कलेक्टर रेट में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए एक ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न गांवों की जमीनों के रेट में संशोधन का प्रस्ताव है। इस ड्राफ्ट रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। वहीं, हाईवे और विकसित क्षेत्रों में यह वृद्धि 15 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन मौजूदा बाजार भाव को ध्यान में रखते हुए किया गया है। नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों के किनारे स्थित जमीनों के रेट में सर्वाधिक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। कुतुबपुर-हांसी रोड के पास कृषि भूमि का रेट लगभग 26 लाख रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर 39 लाख रुपए प्रति एकड़ तक करने का प्रस्ताव है। ढाणा और आसपास में 20-40 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव इसी तरह, ढाणा और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी 20 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव है। इन इलाकों को अब महंगे जोन में शामिल किया जा सकता है। ड्राफ्ट रिपोर्ट में उमरा, कुतुबपुर, ढाणा, शेखपुरा और गंगवा सहित कई अन्य गांवों की कृषि और रिहायशी जमीनों के कलेक्टर रेट में संशोधन प्रस्तावित है। उमरा गांव में सामान्य कृषि भूमि के रेट में सीमित वृद्धि का प्रस्ताव है, जबकि मुख्य सड़क के पास अधिक बढ़ोतरी होगी। कुतुबपुर में हाईवे से सटे क्षेत्रों में सर्वाधिक उछाल देखा जाएगा। ढाणा में लोकेशन के अनुसार 15 से 40 प्रतिशत तक का अंतर प्रस्तावित है, वहीं शेखपुरा और आसपास के गांवों में औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। एक करोड़ तक हो सकते हैं विकसित क्षेत्रों के रेट रिपोर्ट के अनुसार, हाईवे और विकसित क्षेत्रों में कलेक्टर रेट 80 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक पहुंचने का प्रस्ताव है। इसके विपरीत, सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम रेट 11 से 13 लाख रुपए प्रति एकड़ के आसपास निर्धारित किए गए हैं। ड्राफ्ट को लेकर प्रक्रिया शुरू जारी दस्तावेज के अनुसार यह कलेक्टर रेट वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट है, जिसे संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है। इसमें संशोधन व आपत्तियों के बाद अंतिम दरें तय की जाएंगी।
क्या होगा असर
कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी का सीधा असर जमीन की रजिस्ट्री पर पड़ेगा, जिससे खरीद-फरोख्त महंगी होगी। जिला बनने के बाद पहली बार हो रहा यह संशोधन आने वाले समय में हांसी के रियल एस्टेट बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।


