पीलीभीत के अधिकारी बस से ‘समाधान दिवस’ पहुंचे:सरकारी गाड़ियां छोड़ ईंधन बचाने का दिया संदेश

पीलीभीत जिला प्रशासन ने शनिवार को ऊर्जा और ईंधन संरक्षण का संदेश दिया। जनपद स्तरीय अधिकारी अपनी सरकारी गाड़ियां छोड़कर एक साझा बस से ‘समाधान दिवस’ में शामिल होने पहुंचे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद उठाया गया है। यह घटना तहसील अमरिया में आयोजित साप्ताहिक ‘समाधान दिवस’ के दौरान हुई। सामान्यतः ऐसे आयोजनों में अधिकारी अपनी सरकारी गाड़ियों से पहुंचते हैं, जिससे ईंधन की खपत अधिक होती है। इस बार, जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी अपनी सरकारी गाड़ियों को कार्यालय में छोड़कर एक ही बस में सवार होकर अमरिया तहसील पहुंचे। इस पहल के मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और जनता को ईंधन संरक्षण का संदेश देना है। इसका लक्ष्य सरकारी स्तर पर ईंधन की फिजूलखर्ची को रोकना, कार्बन उत्सर्जन कम करना और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस कदम पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘यह केवल एक दिन का दिखावा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री की अपील को जमीनी स्तर पर लागू करने का एक ईमानदार प्रयास है। जब अधिकारी स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, तभी आम जनता भी ईंधन और ऊर्जा की बचत के प्रति जागरूक होगी।’ प्रशासन के इस कदम की जिले भर में सराहना की जा रही है। सोशल मीडिया और आम जनता के बीच अधिकारियों की इस पहल की चर्चा है। लोगों का मानना है कि यदि देश के अन्य जिलों में भी सामूहिक वाहनों का उपयोग शुरू हो, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा सकता है। यह अधिकारी हुए बस में सवार पीलीभीत में लग्जरी गाड़ियों को छोड़कर बस में सवार होकर तहसील समाधान दिवस में पहुंचने वाले अधिकारियों में पीलीभीत के सीएमओ आलोक कुमार BSA रोशनी सिंह, एआरटीओ वीरेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव प्रदीप सिंह समेत दर्जन ऑफिसर शामिल रहे।

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