ओला गिरने से फसलें बर्बाद, विधायक ने लिखा लेटर:बेतिया में मुख्यमंत्री और DM से मुआवजे की मांग

ओला गिरने से फसलें बर्बाद, विधायक ने लिखा लेटर:बेतिया में मुख्यमंत्री और DM से मुआवजे की मांग

बेतिया जिले के चनपटिया और मझौलिया प्रखंड में 20-21 मार्च 2026 को हुई भारी वर्षा और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न हुए गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर त्वरित सर्वेक्षण और शीघ्र मुआवजे की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में बताया है कि इस आपदा से चनपटिया और मझौलिया के अलावा आसपास के कई पंचायत भी प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन, आलू, आम और लीची जैसी प्रमुख फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई उन्होंने कहा कि जिन किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है, उनके लिए आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में सरकार का दायित्व है कि वह तुरंत राहत पहुंचाए। विधायक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति का सही आकलन किया जाए। पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए मुआवजा प्रक्रिया अभिषेक रंजन ने यह भी मांग की है कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि पीड़ित किसानों को बिना किसी विलंब के राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की अपील की है, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। विधायक ने जोर देकर कहा कि किसानों की आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कठिन समय में किसानों को हरसंभव सहायता मिलेगी, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। बेतिया जिले के चनपटिया और मझौलिया प्रखंड में 20-21 मार्च 2026 को हुई भारी वर्षा और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न हुए गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर त्वरित सर्वेक्षण और शीघ्र मुआवजे की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में बताया है कि इस आपदा से चनपटिया और मझौलिया के अलावा आसपास के कई पंचायत भी प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन, आलू, आम और लीची जैसी प्रमुख फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई उन्होंने कहा कि जिन किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है, उनके लिए आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में सरकार का दायित्व है कि वह तुरंत राहत पहुंचाए। विधायक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति का सही आकलन किया जाए। पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए मुआवजा प्रक्रिया अभिषेक रंजन ने यह भी मांग की है कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि पीड़ित किसानों को बिना किसी विलंब के राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की अपील की है, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। विधायक ने जोर देकर कहा कि किसानों की आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कठिन समय में किसानों को हरसंभव सहायता मिलेगी, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।  

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