भास्कर संवाददाता | सुल्तानपुर नगर के बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया दिवस बसेरा आज उपेक्षा का शिकार होकर कबाड़ में तब्दील हो गया है। करीब 26 लाख रुपए की लागत से पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से निर्मित यह ढांचा अब अपने उद्देश्य से भटक गया है। नगर परिषद द्वारा कराए गए इस निर्माण से यात्रियों को छांव और विश्राम की सुविधा मिलनी थी। वर्तमान में यहां न तो बैठने की व्यवस्था है, न ही साफ-सफाई। अतिक्रमण और देखरेख के अभाव में यह स्थान अनुपयोगी हो गया है। गर्मी के दिनों में बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को धूप में खड़ा रहना पड़ता है। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में करोड़ों के विकास कार्य हो रहे हैं। यात्रियों की यह बुनियादी सुविधा अब तक उपेक्षित है। अतिक्रमण और बदहाल स्थिति ने बिगाड़ी व्यवस्था दिवस बसेरा बनने से पहले ही स्थानीय व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। निर्माण के बाद भी इसका सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो सका। वर्तमान में यह स्थान आवारा पशुओं और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। रखरखाव के अभाव में संरचना जर्जर हो चुकी है। यात्री यहां रुकना भी सुरक्षित नहीं मानते। निरीक्षण के बाद होगा निर्णय ^बसेरा की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। अतिक्रमण और अन्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इन्हें प्राथमिकता से कराया जाएगा। इससे यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी। सीएल कैथल, सीएमओ, नगर परिषद सुल्तानपुर


