ईरान से क्या चाहता है अमेरिका? युद्ध के बीच पाकिस्तान ने बताई शर्त

ईरान से क्या चाहता है अमेरिका? युद्ध के बीच पाकिस्तान ने बताई शर्त

Iran-Israel Conflict: ईरान-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। अब इस युद्ध के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। जंग के बीच पाकिस्तान ने तेहरान के साथ अमेरिका की युद्ध विराम (Ceasefire) संबंधी मांगों को साझा किया है। पाकिस्तान ने इन मांगों का समर्थन भी किया है। युद्ध विराम संबंधी मांगों का समर्थन करते हुए पाकिस्तान ने इन मांगों को तेहरान के समझ रखा है। अल जजीरा की खबर के मुताबिक, अब पाकिस्तान ईरान के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।

क्या है ईरान की मांग?

ईरान ने सीजफायर संबंधी 15 मांगें रखी हैं। ईरान की शर्तों में सबसे प्रमुख मांग है कि उसके देश पर लगे सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाया जाए। तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी अर्थव्यवस्था को खुली सांस लेने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक कोई भी बातचीत बेमानी है। इसके साथ ही ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए जारी रखने की गारंटी मांगी है। ईरान चाहता है कि अमेरिका भविष्य में किसी भी समझौते से एकतरफा पीछे न हटने का लिखित आश्वासन दे, जैसा कि पूर्व में जेसीपीओए (JCPOA) के साथ हुआ था।

ईरान पर दबाव कम करे अमेरिका

ईरान डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का प्रभाव कम करना चाहता है। डोनाल्ड ट्रंप का रुख हमेशा से ही ईरान के प्रति सख्त रहा है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन केवल उन्हीं शर्तों को स्वीकार करेगा, जो इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करती हों और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर लगाम लगाती हों। ट्रंप के सामने चुनौती यह है कि वह बिना युद्ध किए ईरान को झुकने पर मजबूर करें। अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि ईरान क्षेत्र में सक्रिय अपने समर्थित समूहों (Proxy Groups) को फंडिंग देना बंद करे, जिसे ईरान अपनी सुरक्षा ढाल मानता है।

शहबाज शरीफ ने दी थी अमेरिका-ईरान मध्यस्थता की जानकारी

ईरान और US-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के युद्ध विराम संबंधी मध्यस्थता की जानकारी पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर दी थी। शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान ने मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध को खत्म करने और शांति स्थापित करने के लिए हो रही बातचीत का पूरा समर्थन किया है। पाकिस्तान इस क्षेत्र में स्थिरता देखना चाहता है। शरीफ ने आगे लिखा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच अर्थपूर्ण और निर्णायक वार्ता कराने के लिए तैयार है और ऐसा करने पर वह सम्मानित महसूस करेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने शरीफ के पोस्ट को दोबारा शेयर किया था।

ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने ईजरायल से युद्ध विराम संबंधी बातचीत का दावा किया था। अमेरिका के इस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया था। ट्रंप के दावे पर ईरानी सेना कहा था कि अमेरिका अपने आप से ही बात कर रहा है। ईरान ने साफ कहा था कि ट्रंप उन्हें दो बार धोखा दे चुके है। अब ईरान को ट्रंप पर भरोसा नहीं है,

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