नालंदा में ‘सिंघा बाजा’ और ढोलक की थाप पर शोभायात्रा:रामनवमी पर 4500 सुरक्षाकर्मियों के हवाले रहेगी सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन कैमरों से भी होगी निगरानी

नालंदा में ‘सिंघा बाजा’ और ढोलक की थाप पर शोभायात्रा:रामनवमी पर 4500 सुरक्षाकर्मियों के हवाले रहेगी सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन कैमरों से भी होगी निगरानी

नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ में आगामी 27 मार्च को श्री रामनवमी शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में एक बार फिर भक्ति और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा। स्थानीय विधायक डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में निकलने वाली यह शोभा यात्रा इस वर्ष अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के संकल्प के साथ निकाली जा रही है। आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और समिति ने इस बार आधुनिक चकाचौंध के बीच लुप्त होती जा रही पारंपरिक लोक संस्कृति को जीवंत करने का विशेष निर्णय लिया है। झारखंड के कलाकार बनाएंगे माहौल यात्रा का मुख्य आकर्षण झारखंड से आने वाले कलाकारों का दल होगा, जो दुर्लभ ‘सिंघा बाजा’ की गूंज से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों की पारंपरिक शैली में ढोलक और झाल की थाप पर पुरुष और महिला मंडलियां भजन कीर्तन करते हुए चलेंगी। जुलूस की भव्यता को बढ़ाने के लिए हाथी और घोड़ों का लश्कर भी शामिल रहेगा, जो प्राचीन वैभव की याद दिलाएगा। 4500 सुरक्षा कर्मियों के घेरे में जिला प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए तकनीक और अतिरिक्त बल दोनों का सहारा लिया जा रहा है। इस बार ड्रोन कैमरों से पूरी यात्रा की निगरानी की जाएगी और पहली बार घुड़सवार पुलिस (माउंटेड फोर्स) को भी तैनात किया जा रहा है। एसपी के अनुसार, लगभग 1200 अतिरिक्त जवान बाहर से मंगवाए गए हैं, जबकि जिले के 3500 पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है। कुल मिलाकर करीब 4500 सुरक्षाकर्मियों का घेरा पूरे शहर और जिले में मुस्तैद रहेगा।अब तक बिहार शरीफ से एक मुख्य लाइसेंस समेत पूरे जिले में 29 लाइसेंस निर्गत किए जा चुके हैं, जिनकी संख्या बढ़ने की भी संभावना है। नए रूट से जाएगी शोभा यात्रा मार्च 2023 में रामनवमी के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा और आगजनी के कड़वे अनुभवों के बाद प्रशासन और आयोजकों ने सबक लेते हुए कई बदलाव किए हैं। 2023 के दंगों के कारण 2024 में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिल सकी थी, लेकिन 2025 में विधायक डॉ. सुनील कुमार की पहल पर इसे पुनः शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से इस बार भी जुलूस के पुराने मार्ग में बदलाव बरकरार रखा गया है। पूर्व में शोभा यात्राएं अस्पताल चौक से भरावपर और गगन दीवान होते हुए सोगरा कॉलेज मोड़, नदी मोड़ होते हुए अखाड़ा पर की तरफ जाती थीं, लेकिन अब यह यात्रा श्रम कल्याण केंद्र के मैदान से शुरू होगी। यहां से यह भराव चौराहा, महिला कॉलेज, आलमगंज, पुल पर, नवाब रोड और सालेगंज मोड़ से होते हुए टाउन स्कूल मोड़ पहुंचेगी और अंततः बाबा मनीराम अखाड़ा परिसर में संपन्न होगी। 5 हजार लोगों के शामिल होने की अनुमति यद्यपि समिति को प्रशासन से 5,000 लोगों की भागीदारी की अनुमति मिली है, किंतु पिछली यादों को पीछे छोड़ते हुए इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ में आगामी 27 मार्च को श्री रामनवमी शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में एक बार फिर भक्ति और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा। स्थानीय विधायक डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में निकलने वाली यह शोभा यात्रा इस वर्ष अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के संकल्प के साथ निकाली जा रही है। आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और समिति ने इस बार आधुनिक चकाचौंध के बीच लुप्त होती जा रही पारंपरिक लोक संस्कृति को जीवंत करने का विशेष निर्णय लिया है। झारखंड के कलाकार बनाएंगे माहौल यात्रा का मुख्य आकर्षण झारखंड से आने वाले कलाकारों का दल होगा, जो दुर्लभ ‘सिंघा बाजा’ की गूंज से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों की पारंपरिक शैली में ढोलक और झाल की थाप पर पुरुष और महिला मंडलियां भजन कीर्तन करते हुए चलेंगी। जुलूस की भव्यता को बढ़ाने के लिए हाथी और घोड़ों का लश्कर भी शामिल रहेगा, जो प्राचीन वैभव की याद दिलाएगा। 4500 सुरक्षा कर्मियों के घेरे में जिला प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए तकनीक और अतिरिक्त बल दोनों का सहारा लिया जा रहा है। इस बार ड्रोन कैमरों से पूरी यात्रा की निगरानी की जाएगी और पहली बार घुड़सवार पुलिस (माउंटेड फोर्स) को भी तैनात किया जा रहा है। एसपी के अनुसार, लगभग 1200 अतिरिक्त जवान बाहर से मंगवाए गए हैं, जबकि जिले के 3500 पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है। कुल मिलाकर करीब 4500 सुरक्षाकर्मियों का घेरा पूरे शहर और जिले में मुस्तैद रहेगा।अब तक बिहार शरीफ से एक मुख्य लाइसेंस समेत पूरे जिले में 29 लाइसेंस निर्गत किए जा चुके हैं, जिनकी संख्या बढ़ने की भी संभावना है। नए रूट से जाएगी शोभा यात्रा मार्च 2023 में रामनवमी के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा और आगजनी के कड़वे अनुभवों के बाद प्रशासन और आयोजकों ने सबक लेते हुए कई बदलाव किए हैं। 2023 के दंगों के कारण 2024 में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिल सकी थी, लेकिन 2025 में विधायक डॉ. सुनील कुमार की पहल पर इसे पुनः शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से इस बार भी जुलूस के पुराने मार्ग में बदलाव बरकरार रखा गया है। पूर्व में शोभा यात्राएं अस्पताल चौक से भरावपर और गगन दीवान होते हुए सोगरा कॉलेज मोड़, नदी मोड़ होते हुए अखाड़ा पर की तरफ जाती थीं, लेकिन अब यह यात्रा श्रम कल्याण केंद्र के मैदान से शुरू होगी। यहां से यह भराव चौराहा, महिला कॉलेज, आलमगंज, पुल पर, नवाब रोड और सालेगंज मोड़ से होते हुए टाउन स्कूल मोड़ पहुंचेगी और अंततः बाबा मनीराम अखाड़ा परिसर में संपन्न होगी। 5 हजार लोगों के शामिल होने की अनुमति यद्यपि समिति को प्रशासन से 5,000 लोगों की भागीदारी की अनुमति मिली है, किंतु पिछली यादों को पीछे छोड़ते हुए इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।  

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