रामनवमी को लेकर गयाजी शहर पूरी तरह तैयार है। 26 मार्च (गुरुवार) को शहर में आस्था और शक्ति का संगम दिखेगा। अंतरराष्ट्रीय हिंदू युवा शक्ति संघ की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन हर साल होता है। इस बार इसे और बड़ा बनाने की तैयारी है। शोभायात्रा दोपहर 12 बजे श्री विष्णुपद मंदिर के बाहरी प्रांगण से शुरू होगी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नगर भ्रमण करेगी। फिर वापस मंदिर परिसर में आकर समाप्त होगी। संगठन के मुखिया राजा आचार्य ने बताया कि इस बार शोभायात्रा का स्वरूप खास रहेगा। दोपहर 12:30 बजे से मंदिर परिसर में बाहर से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकार पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा, सतारा और कोलकाता के कलाकार पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन करेंगे। बोले- शोभायात्रा धार्मिक आयोजन नहीं, सांस्कृतिक शक्ति का भी प्रदर्शन संगठन के मुखिया राजा आचार्य ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति प्रदर्शन भी है। संगठन की ओर से युवाओं को युद्ध कौशल की ट्रेनिंग दी जाती है। इस बार ट्रेनिंग ले चुके युवा भी अपनी कला व दमखम दिखाएंगे। खास बात यह है कि छोटे बच्चों की भी बड़ी भागीदारी होगी। बच्चे भी युद्ध कला का प्रदर्शन करेंगे। इससे आयोजन में अलग ही ऊर्जा दिखेगी। शोभायात्रा में हजारों लोगों की भीड़ रहने की उम्मीद शोभायात्रा का रूट भी तय कर लिया गया है। यह विष्णुपद मंदिर से निकलकर चांद चौरा, कोयरीबारी, जीबी रोड और आजाद पार्क होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की उम्मीद है।
आयोजन में झांकियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। रामायण से जुड़े प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा। धार्मिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देखने को मिलेगी। आयोजकों का दावा है कि इस बार शोभायात्रा को बिहार की सबसे श्रेष्ठ शोभायात्रा बनाने की कोशिश की जा रही है। संगठन के सदस्य एक जैसी वेशभूषा में नजर आएंगे। उनका कहना है कि अब उनकी इस पहचान को देश के दूसरे संगठन भी अपनाने लगे हैं। रामनवमी को लेकर गयाजी शहर पूरी तरह तैयार है। 26 मार्च (गुरुवार) को शहर में आस्था और शक्ति का संगम दिखेगा। अंतरराष्ट्रीय हिंदू युवा शक्ति संघ की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन हर साल होता है। इस बार इसे और बड़ा बनाने की तैयारी है। शोभायात्रा दोपहर 12 बजे श्री विष्णुपद मंदिर के बाहरी प्रांगण से शुरू होगी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नगर भ्रमण करेगी। फिर वापस मंदिर परिसर में आकर समाप्त होगी। संगठन के मुखिया राजा आचार्य ने बताया कि इस बार शोभायात्रा का स्वरूप खास रहेगा। दोपहर 12:30 बजे से मंदिर परिसर में बाहर से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकार पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा, सतारा और कोलकाता के कलाकार पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन करेंगे। बोले- शोभायात्रा धार्मिक आयोजन नहीं, सांस्कृतिक शक्ति का भी प्रदर्शन संगठन के मुखिया राजा आचार्य ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति प्रदर्शन भी है। संगठन की ओर से युवाओं को युद्ध कौशल की ट्रेनिंग दी जाती है। इस बार ट्रेनिंग ले चुके युवा भी अपनी कला व दमखम दिखाएंगे। खास बात यह है कि छोटे बच्चों की भी बड़ी भागीदारी होगी। बच्चे भी युद्ध कला का प्रदर्शन करेंगे। इससे आयोजन में अलग ही ऊर्जा दिखेगी। शोभायात्रा में हजारों लोगों की भीड़ रहने की उम्मीद शोभायात्रा का रूट भी तय कर लिया गया है। यह विष्णुपद मंदिर से निकलकर चांद चौरा, कोयरीबारी, जीबी रोड और आजाद पार्क होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की उम्मीद है।
आयोजन में झांकियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। रामायण से जुड़े प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा। धार्मिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देखने को मिलेगी। आयोजकों का दावा है कि इस बार शोभायात्रा को बिहार की सबसे श्रेष्ठ शोभायात्रा बनाने की कोशिश की जा रही है। संगठन के सदस्य एक जैसी वेशभूषा में नजर आएंगे। उनका कहना है कि अब उनकी इस पहचान को देश के दूसरे संगठन भी अपनाने लगे हैं।


