बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का परिणाम जारी होते ही सुपौल में खुशी की लहर दौड़ गई। इस साल भी पिछले साल की तरह बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉपर सूची में अपना दबदबा कायम रखा है। तीनों संकाय विज्ञान, कला और वाणिज्य को मिलाकर कुल 11 जिला टॉपर बने हैं, जिनमें 6 छात्राएं और 5 छात्र शामिल हैं। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। विज्ञान में आंचल कुमारी बनीं टॉपर विज्ञान संकाय में करजाईन स्थित जीबीएमए हाई स्कूल की छात्रा आंचल कुमारी ने 468 अंक (93.60 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं गवर्नमेंट हाई स्कूल वीरपुर की आंचल गुप्ता ने भी 468 अंक लाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर जीबीएमए हाई स्कूल करजाईन की प्राची कुमारी रहीं, जिन्होंने 462 अंक (92.40 प्रतिशत) हासिल किए। आंचल कुमारी की सफलता संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। साधारण परिवार से आने वाली आंचल के पिता निजी कोचिंग संस्थान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों से यह मुकाम हासिल किया। उनका सपना एसडीएम बनकर समाज की सेवा करना है। कला संकाय में नेहा कुमारी अव्वल कला संकाय में सत्यदेव हाई स्कूल पिपरा की छात्रा नेहा कुमारी ने 471 अंक (94.20 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बनीं। उनकी इस उपलब्धि से पिपरा सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है। नेहा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजनों के अनुसार, नेहा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उनका लक्ष्य यूपीएससी की तैयारी कर देश की सेवा करना है। दूसरे स्थान पर तीन छात्रों का कब्जा कला संकाय में ही 465 अंक (93 प्रतिशत) के साथ सुधांशु कुमार, राहुल और हेमंत कुमार ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। जदिया निवासी सुधांशु कुमार की कहानी खास तौर पर प्रेरणादायक है। उनके पिता पान की छोटी दुकान चलाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद सुधांशु ने समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए पढ़ाई की और सफलता हासिल की। राघोपुर के हेमंत कुमार ने भी 465 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी माता आंगनवाड़ी सेविका हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। हेमंत का सपना न्यायाधीश बनना है। कॉमर्स में आदित्य कुमार ठाकुर टॉपर वाणिज्य संकाय में सुपौल हाई स्कूल के छात्र आदित्य कुमार ठाकुर ने 435 अंक (87 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बने। वहीं प्रियंका कुमारी अग्रवाल 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि करजाईन के नित्यम तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। आदित्य साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और ऑनलाइन कोचिंग को दिया है। आदित्य आगे बीबीए कर फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। संघर्ष से सफलता तक की कहानियां इस वर्ष के रिजल्ट में कई ऐसी कहानियां सामने आई हैं, जो बताती हैं कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं। चाहे आंचल का सीमित संसाधनों में पढ़ाई करना हो या सुधांशु का समय प्रबंधन, सभी ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है। बेटियों ने फिर लहराया परचम इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जिले के शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को लेकर खासा उत्साह है और लोग छात्राओं की सफलता को प्रेरणादायक बता रहे हैं। प्रियंका 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं
वाणिज्य संकाय में सुपौल हाई स्कूल के छात्र आदित्य कुमार ठाकुर ने 435 अंक (87 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बने। वहीं प्रियंका कुमारी अग्रवाल 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और करजाईन के नित्यम तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। कॉमर्स टॉपर आदित्य कुमार ठाकुर साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और ऑनलाइन कोचिंग को दिया है। उन्होंने बताया कि वे आगे बीबीए कर फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष का इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम सुपौल जिले के लिए गर्व का विषय रहा है। खासकर बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। इन छात्रों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का परिणाम जारी होते ही सुपौल में खुशी की लहर दौड़ गई। इस साल भी पिछले साल की तरह बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉपर सूची में अपना दबदबा कायम रखा है। तीनों संकाय विज्ञान, कला और वाणिज्य को मिलाकर कुल 11 जिला टॉपर बने हैं, जिनमें 6 छात्राएं और 5 छात्र शामिल हैं। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। विज्ञान में आंचल कुमारी बनीं टॉपर विज्ञान संकाय में करजाईन स्थित जीबीएमए हाई स्कूल की छात्रा आंचल कुमारी ने 468 अंक (93.60 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं गवर्नमेंट हाई स्कूल वीरपुर की आंचल गुप्ता ने भी 468 अंक लाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर जीबीएमए हाई स्कूल करजाईन की प्राची कुमारी रहीं, जिन्होंने 462 अंक (92.40 प्रतिशत) हासिल किए। आंचल कुमारी की सफलता संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। साधारण परिवार से आने वाली आंचल के पिता निजी कोचिंग संस्थान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों से यह मुकाम हासिल किया। उनका सपना एसडीएम बनकर समाज की सेवा करना है। कला संकाय में नेहा कुमारी अव्वल कला संकाय में सत्यदेव हाई स्कूल पिपरा की छात्रा नेहा कुमारी ने 471 अंक (94.20 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बनीं। उनकी इस उपलब्धि से पिपरा सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है। नेहा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजनों के अनुसार, नेहा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उनका लक्ष्य यूपीएससी की तैयारी कर देश की सेवा करना है। दूसरे स्थान पर तीन छात्रों का कब्जा कला संकाय में ही 465 अंक (93 प्रतिशत) के साथ सुधांशु कुमार, राहुल और हेमंत कुमार ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। जदिया निवासी सुधांशु कुमार की कहानी खास तौर पर प्रेरणादायक है। उनके पिता पान की छोटी दुकान चलाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद सुधांशु ने समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए पढ़ाई की और सफलता हासिल की। राघोपुर के हेमंत कुमार ने भी 465 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी माता आंगनवाड़ी सेविका हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। हेमंत का सपना न्यायाधीश बनना है। कॉमर्स में आदित्य कुमार ठाकुर टॉपर वाणिज्य संकाय में सुपौल हाई स्कूल के छात्र आदित्य कुमार ठाकुर ने 435 अंक (87 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बने। वहीं प्रियंका कुमारी अग्रवाल 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि करजाईन के नित्यम तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। आदित्य साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और ऑनलाइन कोचिंग को दिया है। आदित्य आगे बीबीए कर फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। संघर्ष से सफलता तक की कहानियां इस वर्ष के रिजल्ट में कई ऐसी कहानियां सामने आई हैं, जो बताती हैं कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं। चाहे आंचल का सीमित संसाधनों में पढ़ाई करना हो या सुधांशु का समय प्रबंधन, सभी ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है। बेटियों ने फिर लहराया परचम इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जिले के शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को लेकर खासा उत्साह है और लोग छात्राओं की सफलता को प्रेरणादायक बता रहे हैं। प्रियंका 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं
वाणिज्य संकाय में सुपौल हाई स्कूल के छात्र आदित्य कुमार ठाकुर ने 435 अंक (87 प्रतिशत) प्राप्त कर जिला टॉपर बने। वहीं प्रियंका कुमारी अग्रवाल 433 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और करजाईन के नित्यम तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 84.80 प्रतिशत अंक हासिल किए। कॉमर्स टॉपर आदित्य कुमार ठाकुर साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और ऑनलाइन कोचिंग को दिया है। उन्होंने बताया कि वे आगे बीबीए कर फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष का इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम सुपौल जिले के लिए गर्व का विषय रहा है। खासकर बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। इन छात्रों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है


