शेखपुरा में बिजली के खंभे पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से एक मानव बल कुंदन कुमार की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद उनके सहकर्मियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार को जिले के सभी मानव बल एकजुट होकर बिजली कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मृतक कुंदन कुमार पटना के बेलछी थाना अंतर्गत चौधराईन चक के निवासी थे। मानव बल संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि कार्य के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दिए जाने के कारण यह हादसा हुआ। सहकर्मियों ने विद्युत कंपनी के अभियंताओं पर कुंदन कुमार की मौत का आरोप लगाया है। उन्होंने अभियंताओं पर लगातार नाजायज दबाव बनाकर काम कराने और कंपनी में बिचौलिया तथा दलाल संस्कृति के प्रवेश का भी आरोप लगाया। मानव बल मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और पर्याप्त सरकारी मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मृतक मानव बल के ‘हत्या के आरोपी’ को कोर्ट से सजा दिलाने की भी मांग की। दूसरी ओर, इस मामले में कनीय अभियंता ने अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद घायल मानव बल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मानव बल संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग और प्रशासन ने इस दिशा में तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। वे मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और पर्याप्त मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। शेखपुरा में बिजली के खंभे पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से एक मानव बल कुंदन कुमार की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद उनके सहकर्मियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार को जिले के सभी मानव बल एकजुट होकर बिजली कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मृतक कुंदन कुमार पटना के बेलछी थाना अंतर्गत चौधराईन चक के निवासी थे। मानव बल संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि कार्य के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दिए जाने के कारण यह हादसा हुआ। सहकर्मियों ने विद्युत कंपनी के अभियंताओं पर कुंदन कुमार की मौत का आरोप लगाया है। उन्होंने अभियंताओं पर लगातार नाजायज दबाव बनाकर काम कराने और कंपनी में बिचौलिया तथा दलाल संस्कृति के प्रवेश का भी आरोप लगाया। मानव बल मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और पर्याप्त सरकारी मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मृतक मानव बल के ‘हत्या के आरोपी’ को कोर्ट से सजा दिलाने की भी मांग की। दूसरी ओर, इस मामले में कनीय अभियंता ने अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद घायल मानव बल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मानव बल संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग और प्रशासन ने इस दिशा में तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। वे मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और पर्याप्त मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।


