जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के सलेमपुर गांव में वट सावित्री पूजा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक भौंरों के झुंड ने पूजा कर रही महिलाओं पर हमला कर दिया। इस घटना में दर्जनों महिलाएं घायल हो गईं, जबकि कई पुरुष और बच्चे भी भौंरों के डंक से प्रभावित हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के वट वृक्ष के समीप बड़ी संख्या में महिलाएं वट सावित्री पूजा कर रही थीं। महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना और वट वृक्ष की परिक्रमा कर रही थीं। इसी दौरान अचानक पेड़ से भौंरों का झुंड निकल पड़ा और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। भौंरों के हमले से मची भगदड़ भौंरों के डंक से बचने के लिए महिलाएं और अन्य लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूजा स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई महिलाओं के शरीर पर भौंरों ने डंक मार दिए, जिससे वे घायल हो गईं। कुछ पुरुष और बच्चे भी इस हमले की चपेट में आ गए। धूप के धुएं से भड़के भौंरे स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा के दौरान जलाए गए धूप और अगरबत्ती के धुएं के कारण पेड़ पर मौजूद भौंरे उड़ने लगे। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। महिलाएं पूजा सामग्री छोड़कर जान बचाने के लिए भागती नजर आईं। अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुलासगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी दी गई, जिसके बाद मौके पर एंबुलेंस भेजी गई। गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वट सावित्री पूजा के दौरान इस तरह की घटना पहली बार देखने को मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूजा स्थलों के आसपास सुरक्षा और सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के सलेमपुर गांव में वट सावित्री पूजा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक भौंरों के झुंड ने पूजा कर रही महिलाओं पर हमला कर दिया। इस घटना में दर्जनों महिलाएं घायल हो गईं, जबकि कई पुरुष और बच्चे भी भौंरों के डंक से प्रभावित हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के वट वृक्ष के समीप बड़ी संख्या में महिलाएं वट सावित्री पूजा कर रही थीं। महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना और वट वृक्ष की परिक्रमा कर रही थीं। इसी दौरान अचानक पेड़ से भौंरों का झुंड निकल पड़ा और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। भौंरों के हमले से मची भगदड़ भौंरों के डंक से बचने के लिए महिलाएं और अन्य लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूजा स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई महिलाओं के शरीर पर भौंरों ने डंक मार दिए, जिससे वे घायल हो गईं। कुछ पुरुष और बच्चे भी इस हमले की चपेट में आ गए। धूप के धुएं से भड़के भौंरे स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा के दौरान जलाए गए धूप और अगरबत्ती के धुएं के कारण पेड़ पर मौजूद भौंरे उड़ने लगे। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। महिलाएं पूजा सामग्री छोड़कर जान बचाने के लिए भागती नजर आईं। अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुलासगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी दी गई, जिसके बाद मौके पर एंबुलेंस भेजी गई। गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वट सावित्री पूजा के दौरान इस तरह की घटना पहली बार देखने को मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूजा स्थलों के आसपास सुरक्षा और सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


