बेतिया में बिहार दिवस 2026 के अवसर पर सोमवार को एक छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला पदाधिकारी तरणजोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा द्वारा खींची गई तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक छायाचित्र में निहित भावनाओं, तकनीक और दृष्टिकोण की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद ऐसी रचनात्मकता प्रेरणादायक है। उन्होंने अपर समाहर्ता की कलात्मक सोच और प्रकृति के प्रति उनके लगाव की प्रशंसा की। इसे कर्तव्य और रचनात्मकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया। VTR से संबंधित तस्वीरें आकर्षण का केंद्र रहीं
प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों की तस्वीरें शामिल थीं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से संबंधित तस्वीरें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन तस्वीरों में वन्य जीवों, दुर्लभ पक्षियों, घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी के क्यूरेटर और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इसमें इतिहास, विरासत, संस्कृति, वन्य जीवन और आम जनजीवन से जुड़े सैकड़ों छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भोजपुरी लोक चित्रकला कार्यक्रम का निरीक्षण भी जिलाधिकारी ने किया। उन्होंने कलाकारों से बातचीत की, उनकी कला की सराहना की और इस पारंपरिक धरोहर के संरक्षण के प्रयासों को सराहा। उन्होंने युवा पीढ़ी को इस कला से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। बेतिया में बिहार दिवस 2026 के अवसर पर सोमवार को एक छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला पदाधिकारी तरणजोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा द्वारा खींची गई तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक छायाचित्र में निहित भावनाओं, तकनीक और दृष्टिकोण की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद ऐसी रचनात्मकता प्रेरणादायक है। उन्होंने अपर समाहर्ता की कलात्मक सोच और प्रकृति के प्रति उनके लगाव की प्रशंसा की। इसे कर्तव्य और रचनात्मकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया। VTR से संबंधित तस्वीरें आकर्षण का केंद्र रहीं
प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों की तस्वीरें शामिल थीं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से संबंधित तस्वीरें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन तस्वीरों में वन्य जीवों, दुर्लभ पक्षियों, घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी के क्यूरेटर और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इसमें इतिहास, विरासत, संस्कृति, वन्य जीवन और आम जनजीवन से जुड़े सैकड़ों छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भोजपुरी लोक चित्रकला कार्यक्रम का निरीक्षण भी जिलाधिकारी ने किया। उन्होंने कलाकारों से बातचीत की, उनकी कला की सराहना की और इस पारंपरिक धरोहर के संरक्षण के प्रयासों को सराहा। उन्होंने युवा पीढ़ी को इस कला से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।


