मुंगेर में बिहार दिवस का जश्न:डीएम ने दीप जलाकर शुरुआत की, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, 25 महिलाओं को किया सम्मानित

मुंगेर में बिहार दिवस का जश्न:डीएम ने दीप जलाकर शुरुआत की, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, 25 महिलाओं को किया सम्मानित

मुंगेर में रविवार को बिहार दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह और प्रेरणादायक संबोधन शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर और अपर समाहर्ता मनोज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है। उन्होंने बताया कि इसी दिन बिहार बंगाल से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना था, जो हर बिहारी के लिए गर्व का विषय है। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 के बाद बिहार में हुए विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के सड़क नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का सड़क तंत्र देश के बेहतर नेटवर्कों में से एक है। ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का भी जिक्र किया
उन्होंने मुंगेर-मोकामा, मुंगेर-मिर्जाचौकी और हल्दिया-रक्सौल जैसी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का भी जिक्र किया, जो क्षेत्र के समग्र विकास को गति दे रही हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से मुंगेर जिला बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, आवागमन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण सड़कों का जाल अब मुख्य मार्गों से जुड़ चुका है, जिससे गांव और शहर के बीच की दूरी कम हुई है। अंत में, जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे एक जिम्मेदार बिहारी के रूप में राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें। सामाजिक एकता को बिहार की ताकत
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग की जिला पदाधिकारी सुकन्या ने कहा कि एक समय बिहार की पहचान नकारात्मक चर्चाओं से जुड़ी रहती थी, लेकिन आज “एक बिहारी, सब पर भारी” का नारा देशभर में बिहार की नई पहचान बन चुका है। उन्होंने सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को बिहार की ताकत बताया। 25 महिलाओं को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया
विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने खूब सराहा। गजल और गीत-संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक और संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग कलाकार मनीषका के बांसुरी वादन से हुई, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 25 महिलाओं को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को सफल बनाने में योगदान देने वाले दो दर्जन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुंगेर में रविवार को बिहार दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह और प्रेरणादायक संबोधन शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर और अपर समाहर्ता मनोज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है। उन्होंने बताया कि इसी दिन बिहार बंगाल से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना था, जो हर बिहारी के लिए गर्व का विषय है। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 के बाद बिहार में हुए विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के सड़क नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का सड़क तंत्र देश के बेहतर नेटवर्कों में से एक है। ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का भी जिक्र किया
उन्होंने मुंगेर-मोकामा, मुंगेर-मिर्जाचौकी और हल्दिया-रक्सौल जैसी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का भी जिक्र किया, जो क्षेत्र के समग्र विकास को गति दे रही हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से मुंगेर जिला बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, आवागमन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण सड़कों का जाल अब मुख्य मार्गों से जुड़ चुका है, जिससे गांव और शहर के बीच की दूरी कम हुई है। अंत में, जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे एक जिम्मेदार बिहारी के रूप में राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें। सामाजिक एकता को बिहार की ताकत
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग की जिला पदाधिकारी सुकन्या ने कहा कि एक समय बिहार की पहचान नकारात्मक चर्चाओं से जुड़ी रहती थी, लेकिन आज “एक बिहारी, सब पर भारी” का नारा देशभर में बिहार की नई पहचान बन चुका है। उन्होंने सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को बिहार की ताकत बताया। 25 महिलाओं को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया
विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने खूब सराहा। गजल और गीत-संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक और संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग कलाकार मनीषका के बांसुरी वादन से हुई, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 25 महिलाओं को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को सफल बनाने में योगदान देने वाले दो दर्जन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।  

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