पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए रंगदारी मांगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक मार्बल व्यवसायी ने थाना में आवेदन देकर बताया कि अज्ञात नंबरों से उसे लगातार कॉल कर रंगदारी की मांग की जा रही है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस मो. याकूब के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं। गिरोह की पूरी साजिश सामने आ गई। मुख्य साजिशकर्ता ने चोरी के मोबाइल से दी धमकी जांच में सामने आया कि हैदरनगर के शोबा निवासी रविशंकर कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह और लोहरपुरा गांव का प्रिंस कुमार मेहता इस गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता हैं। दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चोरी किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। इन नंबरों के माध्यम से व्यवसायियों को फोन कर रंगदारी मांगी जाती थी और उन्हें डराया-धमकाया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे ताकि उनकी पहचान उजागर न हो सके। तकनीकी जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उनके ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। नशेड़ियों को बनाते थे निशाना, एक आरोपी फरार गिरोह के अन्य सदस्य जपला के मकबरा रोड पुरानी बाजार निवासी शुभम केशरी और अमन कुमार चौरसिया हुसैनाबाद रेलवे स्टेशन के आसपास नशे में धुत लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल फोन चोरी करते थे। इसके बाद ये मोबाइल और सिम कार्ड मुख्य आरोपियों तक पहुंचाए जाते थे, जिनका उपयोग रंगदारी मांगने में किया जाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविशंकर सिंह, शुभम केशरी और अमन चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। फिलहाल फरार आरोपी प्रिंस मेहता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए रंगदारी मांगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक मार्बल व्यवसायी ने थाना में आवेदन देकर बताया कि अज्ञात नंबरों से उसे लगातार कॉल कर रंगदारी की मांग की जा रही है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस मो. याकूब के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं। गिरोह की पूरी साजिश सामने आ गई। मुख्य साजिशकर्ता ने चोरी के मोबाइल से दी धमकी जांच में सामने आया कि हैदरनगर के शोबा निवासी रविशंकर कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह और लोहरपुरा गांव का प्रिंस कुमार मेहता इस गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता हैं। दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चोरी किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। इन नंबरों के माध्यम से व्यवसायियों को फोन कर रंगदारी मांगी जाती थी और उन्हें डराया-धमकाया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे ताकि उनकी पहचान उजागर न हो सके। तकनीकी जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उनके ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। नशेड़ियों को बनाते थे निशाना, एक आरोपी फरार गिरोह के अन्य सदस्य जपला के मकबरा रोड पुरानी बाजार निवासी शुभम केशरी और अमन कुमार चौरसिया हुसैनाबाद रेलवे स्टेशन के आसपास नशे में धुत लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल फोन चोरी करते थे। इसके बाद ये मोबाइल और सिम कार्ड मुख्य आरोपियों तक पहुंचाए जाते थे, जिनका उपयोग रंगदारी मांगने में किया जाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविशंकर सिंह, शुभम केशरी और अमन चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। फिलहाल फरार आरोपी प्रिंस मेहता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


