गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने पर कट रहा पैसा, नहीं आ रहा मैसेज

गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने पर कट रहा पैसा, नहीं आ रहा मैसेज

पटना में रसोई गैस का संकट: तकनीकी खामियों और किल्लत ने बिगाड़ा रसोई का बजट, लोग परेशान पटना | पटना में रसोई गैस की किल्लत और तकनीकी खामियों ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून, दोनों बिगाड़ दिया है। एक तरफ ऑनलाइन बुकिंग में पैसे कटने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो दूसरी तरफ हजारों लोग खाली सिलेंडर लेकर देर रात से ही गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। केस 1: 90 मिनट लाइन में रहने के बाद भी नहीं मिला DAC नंबर कुर्जी बालू पर के निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग न होने पर वे मगध गैस एजेंसी गए। वहां ऑफलाइन बुकिंग तो हुई, लेकिन डीएसी (DAC) नंबर जेनरेट नहीं हुआ। उन्हें शाम 5 बजे केवाईसी (KYC) के लिए बुलाया गया। 90 मिनट तक लाइन में खड़े रहने के बाद केवाईसी की प्रक्रिया तो पूरी हुई, पर डीएसी नंबर फिर भी नहीं मिला। अब उन्हें तीन दिन बाद बुलाया गया है। प्रमोद ने बताया, “मेरा गैस सिलेंडर पांच दिन पहले खत्म हो चुका है, फिलहाल इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं।” केस 2: पैसे कटे, बुकिंग फेल और एजेंसी का टका-सा जवाब राजीवनगर निवासी इंद्र कुमार ने आईओसीएल (IOCL) सिलेंडर के लिए फोन-पे के जरिए चार बार बुकिंग की। हर बार ट्रांजेक्शन फेल दिखा, लेकिन देर शाम उनके खाते से 4,044 रुपये (1,011 रुपये प्रति सिलेंडर) कट गए। जब वे आशियाना-दीघा रोड स्थित सिमोली गैस एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें राहत देने के बजाय ’25 दिन के नियम’ का हवाला देकर टाल दिया गया। रिफंड कब और कैसे मिलेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उपभोक्ताओं को केवल आईओसीएल के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी जा रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। आंकड़ों में समझें संकट की गहराई प्रतीक्षा सूची: जिले में 1,79,936 उपभोक्ता सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आपूर्ति की स्थिति: शनिवार को जिले में 44,822 सिलेंडर आए, जिनमें से 38,819 का वितरण किया गया। एजेंसियों का हाल: पटना जिले की 136 एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आधी रात से लग रही कतारें गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग रात 12 बजे से ही दीघा और आशियाना समेत अन्य गोदामों पर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता शंकर ने बताया कि रात भर जागने के बाद भी एजेंसी कर्मियों ने उन्हें रविवार को आने की बात कहकर लौटा दिया। विडंबना यह है कि कंपनियों का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के निपटारे के लिए मौके पर मौजूद नहीं है।
पिछले 5 दिनों का बुकिंग ट्रेंड पटना में रसोई गैस का संकट: तकनीकी खामियों और किल्लत ने बिगाड़ा रसोई का बजट, लोग परेशान पटना | पटना में रसोई गैस की किल्लत और तकनीकी खामियों ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून, दोनों बिगाड़ दिया है। एक तरफ ऑनलाइन बुकिंग में पैसे कटने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो दूसरी तरफ हजारों लोग खाली सिलेंडर लेकर देर रात से ही गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। केस 1: 90 मिनट लाइन में रहने के बाद भी नहीं मिला DAC नंबर कुर्जी बालू पर के निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग न होने पर वे मगध गैस एजेंसी गए। वहां ऑफलाइन बुकिंग तो हुई, लेकिन डीएसी (DAC) नंबर जेनरेट नहीं हुआ। उन्हें शाम 5 बजे केवाईसी (KYC) के लिए बुलाया गया। 90 मिनट तक लाइन में खड़े रहने के बाद केवाईसी की प्रक्रिया तो पूरी हुई, पर डीएसी नंबर फिर भी नहीं मिला। अब उन्हें तीन दिन बाद बुलाया गया है। प्रमोद ने बताया, “मेरा गैस सिलेंडर पांच दिन पहले खत्म हो चुका है, फिलहाल इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं।” केस 2: पैसे कटे, बुकिंग फेल और एजेंसी का टका-सा जवाब राजीवनगर निवासी इंद्र कुमार ने आईओसीएल (IOCL) सिलेंडर के लिए फोन-पे के जरिए चार बार बुकिंग की। हर बार ट्रांजेक्शन फेल दिखा, लेकिन देर शाम उनके खाते से 4,044 रुपये (1,011 रुपये प्रति सिलेंडर) कट गए। जब वे आशियाना-दीघा रोड स्थित सिमोली गैस एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें राहत देने के बजाय ’25 दिन के नियम’ का हवाला देकर टाल दिया गया। रिफंड कब और कैसे मिलेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उपभोक्ताओं को केवल आईओसीएल के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी जा रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। आंकड़ों में समझें संकट की गहराई प्रतीक्षा सूची: जिले में 1,79,936 उपभोक्ता सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आपूर्ति की स्थिति: शनिवार को जिले में 44,822 सिलेंडर आए, जिनमें से 38,819 का वितरण किया गया। एजेंसियों का हाल: पटना जिले की 136 एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आधी रात से लग रही कतारें गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग रात 12 बजे से ही दीघा और आशियाना समेत अन्य गोदामों पर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता शंकर ने बताया कि रात भर जागने के बाद भी एजेंसी कर्मियों ने उन्हें रविवार को आने की बात कहकर लौटा दिया। विडंबना यह है कि कंपनियों का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के निपटारे के लिए मौके पर मौजूद नहीं है।
पिछले 5 दिनों का बुकिंग ट्रेंड  

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