शिवपुरी जिले में शुक्रवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शनिवार से शुरू हो गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, कई गांवों में गेहूं और प्याज की फसल को 20 से 22 प्रतिशत तक क्षति पहुंची है। शुक्रवार दोपहर शिवपुरी शहर सहित नोहरी कला, सिंह निवास, दरौंनी, बामौरकला, रामखेड़ी, बिलारा, जसराजपुर और ठर्रा जैसे कई गांवों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। इस दौरान खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसलें बर्बाद हो गईं, वहीं प्याज की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। कृषि विभाग के उप संचालक पान सिंह करौरिया ने बताया कि शुरुआती आकलन में 20 से 22 प्रतिशत फसल नुकसान सामने आया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दो दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, सिरसोद में लगभग 200 हेक्टेयर, टोंका में 100 हेक्टेयर, भावखेड़ी में 500 हेक्टेयर, ठर्रा में 200 हेक्टेयर और सिंहनिवास में करीब 400 हेक्टेयर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त, जसराजपुर, रामखेड़ी, नोहरीकला और चंदनपुर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी फसल क्षति दर्ज की गई है। कृषि विभाग के मुताबिक, गेहूं के अलावा अन्य रबी फसलों में भी 20 से 22 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


