ईद और रामनवमी के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूरे राज्य में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को शांति-व्यवस्था भंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य भर में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस की 24 घंटे निगरानी जारी है। मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सोशल मीडिया सेल सक्रिय हैं। भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 30 हजार पुलिस बल तैनात किए गए हैं डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि ईद और रामनवमी के लिए पूरे बिहार में लगभग 30 हजार पुलिस बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया, क्योंकि असामाजिक तत्व पर्व के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। डीजीपी विनय कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि डीजे पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। जुलूस या शोभायात्रा में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रतिबंधित हथियारों को जुलूस में शामिल करना या लहराना गैरकानूनी माना जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट मोड में रखा गया है। दंगा-निरोधी बल हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, आंसू गैस और लाठियों से लैस रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस की अपील अफवाहों पर न दे ध्यान पुलिस ने आम लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। ईद और रामनवमी के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूरे राज्य में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को शांति-व्यवस्था भंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य भर में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस की 24 घंटे निगरानी जारी है। मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सोशल मीडिया सेल सक्रिय हैं। भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 30 हजार पुलिस बल तैनात किए गए हैं डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि ईद और रामनवमी के लिए पूरे बिहार में लगभग 30 हजार पुलिस बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया, क्योंकि असामाजिक तत्व पर्व के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। डीजीपी विनय कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि डीजे पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। जुलूस या शोभायात्रा में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रतिबंधित हथियारों को जुलूस में शामिल करना या लहराना गैरकानूनी माना जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट मोड में रखा गया है। दंगा-निरोधी बल हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, आंसू गैस और लाठियों से लैस रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस की अपील अफवाहों पर न दे ध्यान पुलिस ने आम लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।


