सरगुजा एंटी करप्शन ब्यूरो ने दरिमा तहसील के लिपिक को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डीईओ कार्यालय के लिपिक अखिलेश सोनी को एंटी करप्शन ब्यूरो की रेड पड़ने का झांसा देकर सेटिंग कराने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे थे और एक लाख रुपये में सौदा तय किया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, दरिमा तहसील में पदस्थ लिपिक अनिल गुप्ता ने डीईओ कार्यालय में पदस्थ लिपिक अखिलेश सोनी को 10 मार्च को फोन कर मिलने के लिए कलेक्टोरेट चौक के पास बुलाया। जब अखिलेश सोनी वहां पहुंचे तो अनिल गुप्ता ने बताया कि उनका भतीजा ACB कार्यालय में पोस्टेड है और आपके खिलाफ जल्द ACB के ट्रेप या रेड की कार्रवाई होने वाली है। जब अखिलेश सोनी ने अपनी परेशानी बताई और सेटिंग कराने को कहा तो अनिल गुप्ता ने दो लाख रुपये की मांग की। शिकायत पर ACB ने की कार्रवाई
अखिलेश सोनी ने बताया कि उक्त बातचीत के बाद कई बार अनिल गुप्ता ने उन्हें फोन किया। अनिल गुप्ता ने DEO आफिस में भी जाकर मिले और पैसे की व्यवस्था करने का दबाव बनाया। उन्होंने दो लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ। इसकी शिकायत अखिलेश सोनी ने एंटी करप्शन ब्यूरो से की। ACB ने अनिल गुप्ता को पकड़ने के लिए योजना बनाई और शुक्रवार देर शाम कलेक्टोरेट चौक में लाइब्रेरी के पास पहुंचे। वहां अनिल गुप्ता को जैसे ही अनिल गुप्ता को एक लाख रुपये नगद दिया। अनिल गुप्ता ने उक्त रकम अपने गाड़ी की डिक्की में रख ली। एंटी करप्शन के डीएसपी प्रमोद खेस की टीम ने अनिल गुप्ता को पकड़ा एवं गाड़ी की डिक्की से एक लाख रुपये जब्त कर लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अनिल गुप्ता इससे पहले अंबिकापुर के नजूल तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ थे। करीब दो वर्ष पूर्व उनका तबादला दरिमा तहसील में किया गया था। एसीबी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनका कोई भतीजा एसीबी में पदस्थ भी है या नहीं।


