Harsiddhi Mata Temple blast: सागर के हरसिद्धि माता मंदिर रानगिर में हुए साउंड विस्फोट की घटना के बाद भी नवरात्र के पहले दिन मंदिर परिसर सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए। मंदिर परिसर में सुरक्षा के नाम पर चंद सुरक्षाकर्मी नजर आए। घटना के बाद पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक संदेहियों से पूछताछ कर रही है। इनमें एक को संदिग्ध माना जा रहा है।
घटना के पहले पुजारी को जिस नंबर से चेतावनी भरा मैसेज आया था, उसकी भी पहचान कर ली गई है। फिलहाल पुलिस ने इसे आतंकी घटना मानने से इंकार किया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी विवाद और रंजिश के जा रहा है। इस रंजिश की कीमत चलते बदनाम करने की साजिश बताया बेगुनाह बच्ची को चुकानी पड़ी है। (MP news)
बच्ची के बयान बताएंगे वारदात की सही वजह
पुलिस ने वारदात को आंतकी घटना मानने से इंकार करते हुए आंतरिक मामला बताया है। पुलिस जांच में भी जो नाम सामने आए है, उनमें अधिकांश स्थानीय – ही है। बहरहाल जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस बच्ची के स्वस्थ होने का इंतजार हो रहा है ताकि उसके बयान दर्ज किए जा सकें। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) और एफएसएल की टीम ने जो साक्ष्य घटना स्थल से बरामद किए हैं, उनकी जांच रिपोर्ट भी आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और मात्रा का पता चल सकता है।
इसलिए बूढ़ी रानगिर में छोड़ा था साउंड बॉक्स
मुख्य रानगिर मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, यही वजह रही कि हड़कंप मचाने के लिए विस्फोटक युक्त साउंड को बूढ़ी रानगिर मंदिर परिसर स्थित प्रसाद की दुकान पर छोड़ा गया। यहां भीड़भाड़ भी कम रहती है, साथ ही जिस दुकान पर छोड़ा गया, वहां भी सिर्फ तीन लोग थे, जिनमें घायल मासूम बच्ची संजना रैकवार मात्र 12 साल की है और नाना राधे श्याम रैकवार 55 वर्ष व नानी है। अशोकरानी रैकवार 50 वर्ष की वृद्ध होने के कारण इनकी याददाश्त कमजोर है, इसी कारण आरोपी ने भी इनकी दुकान को चुना।
सर्जरी हुई पर हाथ का अंगूठा व उंगली गंवाई
विस्फोट में घायल बच्ची को भोपाल रेफर किया गया, जबकि नाना-नानी का इलाज सागर के बीएमसी में चल रहा है। घायल संजना के नाना राधेश्याम ने बताया कि बुधवार कोबच्ची के दोनों हाथों का ऑपरेशन हुआ है, उसके एक हाथ का अंगूठा और उंगली काटी गई है। हथेली भी बुरी तरह जख्मी है। बच्ची के पिता बालकिशन ने बताया कि डॉक्टरों ने ही पूरे शरीर पर प्लास्टर बांधा है, साथ संक्रमण फैलने का खतरा बताया है, यदि ऐसा होता है तो हथेली के यहां से हाथ को कटना पड़ सकता है। अभी पैर का ऑपरेशन नहीं हुआ है।
गद्दी को लेकर पहले हो चुकी फायरिंग की घटना
रानगिर मंदिर में पुजारी की तीसरी पीढ़ी पूजा व सेवा कार्य कर रही है। करीब 20 से 25 परिवार मंदिर की पूजा करते है। सभी की तिथियां निश्चित है। मंदिर की गद्दी को लेकर पहले से आपस में खींचतान चली आ रही है। पूर्व में मंदिर के पुजारी और परिवार के भाई के बीच भी कहासुनी हुई थी, इस विवाद में गोली भी चली थी। नवरात्र के पहले मंदिर से लगे हुए बूढी रानगिर में विस्फोट और उसके पहले रानगिर मंदिर के पुजारी विनोद शास्त्री के पास चेतावनी भरा मैसेज आने को लेकर कई प्रकार की चर्चा है। हालांकि रानगिर मंदिर के पुजारी का किसी से कोई विवाद नहीं है। शास्त्री का कहना है कि उनकी किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं है, न ही उन्हें किसी पर संदेह है।
4 पुलिसकर्मी रहे तैनात
गुरुवार को नवरात्रि पर्व शुरू हुआ। घटना के बाद भी पुलिस ने किसी प्रकार के विशेष सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए है। मंदिर परिसर में दोपहर के समय मात्र चार पुलिसकर्मी तैनात थे। पहले दिन के दर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हुए। नवरात्रि पर्व पर रानगिर मंदिर परिसर और वहां से डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी पर बूढ़ी रानगिर तक प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते है। सागर के साथ दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ जिले से यहां पर श्रद्धालु आते हैं।
आठ साल पहले हुआ था पार्सल बम कांड
रंजिश के चलते और बदला लेने भाव से मकरोनिया में भी इसी तरह का एफएम रेडियो ब्लास्ट किया गया था। 25 जनवरी 2018 कोपोस्टल अधिकारी केके दीक्षित के घर एक पार्सल पहुंचा था। इसमें एफएम रेडियो के रूप में बम छिपाया गया था। जब उनके बेटे ने इसे करने की कोशिश की, तो भीषण विस्फोट हुआ। रीतेश गंभीर रूप से घायल हुए थे और भौपाल के अस्पताल में इलाज के दौरान 28 जनवरी 2018 को उनकी मौत हो गई थी। उसी दिन उनकी सगाई तय थी। रानगिर में हुआ साउंड ब्लास्ट का पैटर्न भी इसी तरह का है।
पुलिस ने कहा…
प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार का बाहरी हमला होने के साक्ष्य नहीं है। स्थानीय वजह और यहीं के लोगों के शामिल होने की संभावना हैं। मामले की जांच कर रहे हैं. जल्द ही खुलासा करेंगे- लोकेश कुमार सिन्हा, एएसपी, सागर (MP news)


