ईरान पर अमेरिका और इजराइल के खतरनाक हमले जारी हैं। इस बीच, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान पर एयर स्ट्राइक को लेकर प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बारे में खुलकर बताया।
अमेरिकी मंत्री ने इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। पीड़ित परिवारों के प्रति उन्होंने संवेदना जताई। साथ ही, जब उनसे पूछा गया कि ईरान युद्ध कब तक खत्म होगा? इस पर हेगसेथ ने खुलकर बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि जो शुरू किया है उसे अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।
कब खत्म होगा युद्ध?
हेगसेथ ने बातचीत के दौरान कहा कि ‘युद्ध’ कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे। हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा- हमें यह पक्का नहीं बता सकते कि युद्ध कब तक चलेगा। उन्होंने कहा- हम काफी हद तक सही रास्ते पर हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही तय करेंगे कि कब युद्ध को रोकना है।
क्या कहने पर युद्ध रोकेंगे ट्रंप?
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा- जब हम ट्रंप को यह कह देंगे कि हमने जो टास्क लिया था उसे पूरा कर लिया गया है तो वो (ट्रंप) अपनी मर्जी के मुताबिक फैसला सुना देंगे।’
हेगसेथ ने मारे गए सैनिकों के परिवारों से मुलाकात का ब्योरा देते हुए कहा- युद्ध में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए।
पीड़ित परिवारों ने क्या कहा?
मंत्री ने आगे कहा कि जब शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर डोवर एयर फोर्स बेस पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पीड़ित परिवारों ने कहा कि इसे खत्म करो। उनकी कुर्बानी का सम्मान करें। डगमगाएं मत। जब तक काम पूरा न हो जाए, रुकिए मत। मेरा और राष्ट्रपति का जवाब आसान था- बेशक हम इसे खत्म करेंगे। हम उनकी कुर्बानी का सम्मान करेंगे।
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान की तुलना हमास से की। उन्होंने कहा- ईरान ने सुरंगों, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन पर खूब पैसा खर्च किया है। अमेरिकी सेना इन सबको तबाह कर रही है, दुनिया की कोई दूसरी सेना ऐसा नहीं कर सकती है। ईरान ठीक वैसे ही कर रहा जैसे हमास ने किया था।
7 हजार ठिकानों पर हमला
हेगसेथ ने आगे कहा- अब तक अमेरिका, ईरान में 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला कर चुका है। यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर नहीं किया गया है। यह हमले सटीक थे। गुरुवार को अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा, जैसा कि एक दिन पहले भी हुआ था।
उन्होंने कहा कि ईरान की नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की काबिलियत को हमले से सबसे ज्यादा झटका लगा है। उन्होंने बताया कि लड़ाई शुरू होने के बाद से उनकी काबिलियत में 90 फीसदी गिरावट आई है।


