जून से शुरू होगा ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’:नालंदा में प्रशांत किशोर बोले- सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द

जून से शुरू होगा ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’:नालंदा में प्रशांत किशोर बोले- सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज अपने ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत नालंदा का दौरा किया। यहां कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठक करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर जमकर प्रहार किया। किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटना अब तय है और प्रदेश में सत्ता का रिमोट कंट्रोल अब दिल्ली से संचालित होगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, क्योंकि वे मानसिक और शारीरिक तौर पर इस भारी जिम्मेदारी को निभाने की स्थिति में नहीं हैं। चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को मिला बहुमत जनता की लोकप्रियता का नहीं, बल्कि पैसे के बल, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और जोड़-तोड़ का नतीजा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि यह बहुमत दूसरों के सहयोग से मिला है, इसलिए अब दिल्ली में बैठे लोग तय करेंगे कि बिहार की कुर्सी पर कौन बैठेगा। बिहार की सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द परिवारवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति में आने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि नेताओं ने अपने बच्चों के भविष्य और सिंहासन की चिंता तो कर ली है, लेकिन बिहार के आम युवाओं की फिक्र किसी को नहीं है। उन्होंने बेहद भावुक लहजे में कहा कि आज बिहार का बच्चा दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते हुए हादसों का शिकार हो रहा है, जबकि नेताओं के बच्चे राज करने की तैयारी में हैं। बिहार नवनिर्माण अभियान’ की व्यापक शुरुआत की जाएगी संगठन की भविष्य की रणनीति साझा करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि जून-जुलाई से ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ की व्यापक शुरुआत की जाएगी। इसके पहले पूरे प्रदेश में संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर जिले में तीन दिन का समय बिता रहे हैं और नालंदा में जून से पहले दो बार और आएंगे। इस दौरान वार्ड, पंचायत और प्रखंड स्तर तक संगठन को नया स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन, बेहतर शिक्षा और पलायन रोकने के लिए शुरू किया गया यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाती, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लगे। अन्य समसामयिक विषयों पर बात करते हुए उन्होंने यूजीसी बिल को न्यायालय के अधीन बताया और कहा कि अंतिम निर्णय आने के बाद ही वे अपनी राय रखेंगे। वहीं अनंत सिंह की रिहाई पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार में किसी का जेल जाना या बेल मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज अपने ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत नालंदा का दौरा किया। यहां कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठक करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर जमकर प्रहार किया। किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटना अब तय है और प्रदेश में सत्ता का रिमोट कंट्रोल अब दिल्ली से संचालित होगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, क्योंकि वे मानसिक और शारीरिक तौर पर इस भारी जिम्मेदारी को निभाने की स्थिति में नहीं हैं। चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को मिला बहुमत जनता की लोकप्रियता का नहीं, बल्कि पैसे के बल, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और जोड़-तोड़ का नतीजा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि यह बहुमत दूसरों के सहयोग से मिला है, इसलिए अब दिल्ली में बैठे लोग तय करेंगे कि बिहार की कुर्सी पर कौन बैठेगा। बिहार की सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द परिवारवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की सियासत पिछले तीन दशकों से महज 1200 परिवारों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति में आने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि नेताओं ने अपने बच्चों के भविष्य और सिंहासन की चिंता तो कर ली है, लेकिन बिहार के आम युवाओं की फिक्र किसी को नहीं है। उन्होंने बेहद भावुक लहजे में कहा कि आज बिहार का बच्चा दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते हुए हादसों का शिकार हो रहा है, जबकि नेताओं के बच्चे राज करने की तैयारी में हैं। बिहार नवनिर्माण अभियान’ की व्यापक शुरुआत की जाएगी संगठन की भविष्य की रणनीति साझा करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि जून-जुलाई से ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ की व्यापक शुरुआत की जाएगी। इसके पहले पूरे प्रदेश में संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर जिले में तीन दिन का समय बिता रहे हैं और नालंदा में जून से पहले दो बार और आएंगे। इस दौरान वार्ड, पंचायत और प्रखंड स्तर तक संगठन को नया स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन, बेहतर शिक्षा और पलायन रोकने के लिए शुरू किया गया यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाती, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लगे। अन्य समसामयिक विषयों पर बात करते हुए उन्होंने यूजीसी बिल को न्यायालय के अधीन बताया और कहा कि अंतिम निर्णय आने के बाद ही वे अपनी राय रखेंगे। वहीं अनंत सिंह की रिहाई पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार में किसी का जेल जाना या बेल मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है।  

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