किशनगंज के ठाकुरगंज में वैध जमीन पर जबरन कब्जा:आदिवासी परिवारों को उकसाया, अस्थायी घर बनाए गए, पुलिस ने जांच शुरू की

किशनगंज के ठाकुरगंज में वैध जमीन पर जबरन कब्जा:आदिवासी परिवारों को उकसाया, अस्थायी घर बनाए गए, पुलिस ने जांच शुरू की

किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में एक विवादित जमीन पर जबरन कब्जे का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी हंसराज नखत और बच्चराज नखत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनकी वैध भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस कृत्य के लिए आदिवासी परिवारों को उकसाया गया है। आवेदकों के अनुसार, उनके पास मौजा गोठरा स्थित खाता संख्या 267, खेसरा संख्या 2783 की लगभग 92 डिसमिल जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड सेल डीड मौजूद है। वे वर्षों से इस जमीन पर शांतिपूर्वक खेती-बाड़ी कर रहे थे और उनका कब्जा था। शिकायत में बताया गया है कि बीते कुछ समय से इस भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न किया जा रहा था। आवेदकों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर होल्डिंग टैक्स कटवाकर किसी अन्य के नाम ट्रेडिंग लाइसेंस तक जारी करवा लिया था। मामले से जुड़ी 2 तस्वीरें.. जमीन को घेरकर वहां अस्थायी घर बना लिए
हाल ही में, आवेदकों को सूचना मिली कि कुछ अज्ञात लोग, जिन्हें आदिवासी परिवार बताया जा रहा है, ने उक्त जमीन को घेरकर वहां अस्थायी घर बना लिए हैं। मौके पर पहुंचने पर कथित कब्जाधारियों ने बताया कि उन्होंने यह कार्य एक व्यक्ति के कहने पर किया है, जिसने उन्हें यह कहकर उकसाया कि यह जमीन आदिवासियों के रहने के लिए है। किशनगंज में पहले से ही एक मामला लंबित
आवेदकों ने यह भी जानकारी दी कि भूमि विवाद को लेकर सिविल कोर्ट किशनगंज में पहले से ही एक मामला लंबित है। उन्होंने इस जबरन कब्जे को कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने थाना में दिए आवेदन में तत्काल एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटाने, जमीन की यथास्थिति बहाल करने, जान-माल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ठाकुरगंज थाना अध्यक्ष मकसूद अंसारी ने बताया कि इस मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल मारपीट के एक मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है। किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में एक विवादित जमीन पर जबरन कब्जे का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी हंसराज नखत और बच्चराज नखत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनकी वैध भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस कृत्य के लिए आदिवासी परिवारों को उकसाया गया है। आवेदकों के अनुसार, उनके पास मौजा गोठरा स्थित खाता संख्या 267, खेसरा संख्या 2783 की लगभग 92 डिसमिल जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड सेल डीड मौजूद है। वे वर्षों से इस जमीन पर शांतिपूर्वक खेती-बाड़ी कर रहे थे और उनका कब्जा था। शिकायत में बताया गया है कि बीते कुछ समय से इस भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न किया जा रहा था। आवेदकों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर होल्डिंग टैक्स कटवाकर किसी अन्य के नाम ट्रेडिंग लाइसेंस तक जारी करवा लिया था। मामले से जुड़ी 2 तस्वीरें.. जमीन को घेरकर वहां अस्थायी घर बना लिए
हाल ही में, आवेदकों को सूचना मिली कि कुछ अज्ञात लोग, जिन्हें आदिवासी परिवार बताया जा रहा है, ने उक्त जमीन को घेरकर वहां अस्थायी घर बना लिए हैं। मौके पर पहुंचने पर कथित कब्जाधारियों ने बताया कि उन्होंने यह कार्य एक व्यक्ति के कहने पर किया है, जिसने उन्हें यह कहकर उकसाया कि यह जमीन आदिवासियों के रहने के लिए है। किशनगंज में पहले से ही एक मामला लंबित
आवेदकों ने यह भी जानकारी दी कि भूमि विवाद को लेकर सिविल कोर्ट किशनगंज में पहले से ही एक मामला लंबित है। उन्होंने इस जबरन कब्जे को कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने थाना में दिए आवेदन में तत्काल एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटाने, जमीन की यथास्थिति बहाल करने, जान-माल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ठाकुरगंज थाना अध्यक्ष मकसूद अंसारी ने बताया कि इस मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल मारपीट के एक मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है।  

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