बिजनौर में आज जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में केंद्र सरकार द्वारा किए गए परिवर्तनों और इसे नए विधेयक ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G RAM G) से बदलने के फैसले के विरोध में एक विरोध मार्च और प्रदर्शन का आयोजन किया। सभी कांग्रेस कार्यकर्ता बिजनौर स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर एकत्र हुए। वहां से उन्होंने नारे लगाते हुए विकास भवन, बिजनौर तक मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व बिजनौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेनरिता राजीव सिंह ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता ने भी भाग लिया। उन्होंने मनरेगा योजना में प्रस्तावित परिवर्तनों के कारण ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ बहाल करने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी बनी रहे। इस दौरान जिला अध्यक्ष हेनरिता राजीव सिंह ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की जीवन रेखा है, जो महात्मा गांधी के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इन परिवर्तनों से गरीब मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरी है और अपना संघर्ष जारी रखेगी। इस प्रदर्शन में ओमवती देवी (पूर्व सांसद), आर.के. सिंह (पूर्व आईएएस अधिकारी), सुधीर पाराशर, मुबाशिर ज़मा खान, एड विक्रम सिंह, मोहम्मद अकबर, हाजी नसीम, मोहम्मद सलीम (मनरेगा समन्वयक), अनिल त्यागी, गुलशन कुमार, राजा शर्मा, डॉ धर्मवीर सिंह, नज़ाकत कंबोर, मीनू गोयल, हीरा देवी, तारा सिंह, हरि सिंह सागर, जसराम सिंह, हिमांशु देवरा, प्रदीप ठाकुर, त्रिलोक शर्मा, बलवंत सिंह, मास्टर रामपाल, विश्वमोहन सिंह, दिलेवर, महेश कुमार, मंगल सिंह, हुकुम सिंह, सुधीर कुमार, योगेंद्र कुमार, विष्णु सिंह, कुंवर पाल सिंह, कपिल, फारूक खान, रिंकू कुमार, सुकेश कुमार, विकुल कुमार, अंकित कुमार, शिव कुमार, दीपक कुमार, हरेराम, जॉनी शर्मा, नीरज कुमार, दलजीत सिंह, मृत्युंजय सिंह, पीयूष त्रिपाठी, अर्जुन सिंह, हरेंद्र राठौर, अर्जुन सिंह, आदेश कुमार, सुरेंद्र सिंह सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।


