Smart Meter Users Get Relief: स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, नेगेटिव बैलेंस पर आंशिक रिचार्ज से तीन दिन बिजली मिलेगी

Smart Meter Users Get Relief: स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, नेगेटिव बैलेंस पर आंशिक रिचार्ज से तीन दिन बिजली मिलेगी

Smart Meter Policy: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने स्मार्ट मीटर वाले बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब यदि प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस समाप्त होने के कारण बिजली कनेक्शन कट जाता है और उपभोक्ता इतना रिचार्ज कर देता है कि उसका निगेटिव बैलेंस कम से कम 50 प्रतिशत तक रह जाए, तो बिजली आपूर्ति तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से बहाल कर दी जाएगी। हालांकि यह विशेष सुविधा प्रत्येक उपभोक्ता को केवल एक बार ही मिलेगी।

ऊर्जा विभाग के इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका बैलेंस अचानक समाप्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और वे तुरंत पूरा रिचार्ज नहीं कर पाते। अब आंशिक रिचार्ज के बाद उन्हें तीन दिन का समय मिल जाएगा, ताकि वे शेष राशि का प्रबंध कर सकें।

स्मार्ट मीटर प्रणाली में उपभोक्ताओं को मिल रही नई सुविधाएं

प्रदेश में बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस प्रणाली के लागू होने से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत, बिल और बैलेंस से संबंधित जानकारी तुरंत मिल जाती है।

स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता अपने मोबाइल एप या पावर कॉरपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी बिजली खपत, मौजूदा बैलेंस और रिचार्ज की स्थिति को कभी भी देख सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल से जुड़ी जानकारी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और वे अपनी खपत को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।

प्रदेश में 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

उत्तर प्रदेश में बिजली सुधार कार्यक्रम के तहत बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मौजूदा समय में पूरे प्रदेश में लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 70.5 लाख मीटर प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं। प्रीपेड प्रणाली में उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन की तरह पहले रिचार्ज करना होता है, उसके बाद ही बिजली का उपयोग किया जा सकता है। यह व्यवस्था बिजली बिल के बकाया को कम करने और भुगतान प्रणाली को आसान बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर प्रणाली से बिजली वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बन रही है। इससे बिजली चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो रहा है और उपभोक्ताओं को भी अपनी खपत का सटीक हिसाब मिल रहा है।

पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलाव के दौरान मिलता है ग्रेस पीरियड

जब किसी उपभोक्ता का कनेक्शन पोस्टपेड प्रणाली से प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदला जाता है, तो उसे शुरुआत में तीस दिनों का ग्रेस पीरियड दिया जाता है। इस अवधि का उद्देश्य यह होता है कि उपभोक्ता नई व्यवस्था को समझ सकें और रिचार्ज आधारित प्रणाली के अनुरूप खुद को ढाल सकें। इस दौरान उपभोक्ताओं को यह समझने का मौका मिलता है कि उन्हें कब और कितना रिचार्ज करना है तथा अपनी बिजली खपत को कैसे नियंत्रित करना है।

पूरी तरह स्वचालित है कनेक्शन कटने और जुड़ने की प्रक्रिया

पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में बिजली कनेक्शन कटने और फिर से जुड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होती है। जब प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस शून्य हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। इसके बाद जैसे ही उपभोक्ता रिचार्ज करता है, बिजली आपूर्ति भी तुरंत बहाल हो जाती है। इसमें किसी कर्मचारी के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तकनीक के माध्यम से संचालित होती है, जिससे उपभोक्ताओं को तेज और पारदर्शी सेवा मिलती है।

आंशिक रिचार्ज पर मिलेगी तीन दिन की राहत

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता का स्मार्ट मीटर बैलेंस खत्म हो जाता है और कनेक्शन कट जाता है, तो वह आंशिक रिचार्ज करके भी बिजली आपूर्ति बहाल करवा सकता है। शर्त यह है कि रिचार्ज करने के बाद उसका निगेटिव बैलेंस कम से कम 50 प्रतिशत तक रह जाए। ऐसी स्थिति में बिजली आपूर्ति तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से चालू कर दी जाएगी। इस तीन दिन की अवधि में उपभोक्ता को पूरा रिचार्ज कराने का अवसर मिल जाएगा। हालांकि यह सुविधा केवल एक बार ही प्रदान की जाएगी, ताकि उपभोक्ता इसका दुरुपयोग न कर सकें।

उपभोक्ताओं से बैलेंस निगेटिव न होने देने की अपील

पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस समय-समय पर जांचते रहें और उसे निगेटिव में जाने से पहले ही रिचार्ज करा लें। अधिकारियों का कहना है कि यदि उपभोक्ता नियमित रूप से बैलेंस पर नजर रखते हैं, तो बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से बचा जा सकता है। साथ ही मोबाइल एप और वेबसाइट पर उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करके उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को भी नियंत्रित कर सकते हैं और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं।

बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम

ऊर्जा विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर प्रणाली बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल रही है और बिजली कंपनियों को भी राजस्व प्रबंधन में आसानी हो रही है। यूपी पावर कॉरपोरेशन द्वारा दिया गया यह नया प्रावधान स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे अचानक बैलेंस खत्म होने की स्थिति में उन्हें तत्काल बिजली कटने की परेशानी से आंशिक राहत मिल सकेगी।

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