कॉमर्शियल सिलेंडर क्राइसिस, लकड़ी पर बना शादी का खाना:रेस्टोरेंट बंद-होटल में चूल्हे बन रहे; कारोबारियों को डर शादियों की बुकिंग कैसे लें; 7 जिलों से रिपोर्ट

कॉमर्शियल सिलेंडर क्राइसिस, लकड़ी पर बना शादी का खाना:रेस्टोरेंट बंद-होटल में चूल्हे बन रहे; कारोबारियों को डर शादियों की बुकिंग कैसे लें; 7 जिलों से रिपोर्ट

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई इन दिनों कम हो रही है। गयाजी-समस्तीपुर में सप्लाई करीब 10 दिन से बंद है। इस कारण होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल कारोबारियों में चिंता है। शहर की गैस एजेंसियों से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गयाजी में एक रेस्टोरेंट बंद भी हो चुका है। भोजपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से शादी का खाना लकड़ी के चूल्हे पर बनाना पड़ा। वहीं, मुजफ्फरपुर में कारोबारियों का कहना है कि अभी हमारे पास सिलेंडर है, पर इमरजेंसी के लिए हमने कोयला-लकड़ी वाला चूल्हा बना लिया है। समस्तीपुर में भी सप्लाई बंद है, व्यवसायी सोच रहे हैं इस महीने तो शादियों का डेट खत्म हो गया, आने वाले दिन में जो शादियां हैं, उसे कैसे मैनेज करें। दरभंगा के डीएमसीएच के कैंटिन में सिर्फ तीन ही कॉमर्शियल सिरेंडर बचे हैं। गुरुवार को खाना बन गया, शुक्रवार से मरीजों के खाने पर आफत हो सकता है।
गयाजी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, भोजपुर और पूर्णिया, इन 7 जिलों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर क्राइसिस पर पढ़िए रिपोर्ट, कारोबारियों की क्या है परेशानी…
कारोबारी क्या कह रहे, इससे पहले पढ़ें शादियों के मुहुर्त… मार्च में शादियों के शुभ मुहुर्त खत्म हो चुके हैं। 14 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। शादियां नहीं होंगी। अप्रैल में 15 से 29 अप्रैल के बीच 8 दिन शुभ मुहुर्त है। इसके बाद मई में भी 8 दिन 1 से 14 मई तक शादियां होंगी। कारोबारियों को डर है कि अगर इन अगर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की यही स्थिति रही तो शादियों में खाना बनाना आसान नहीं होगा। सबसे पहले जानें किस जिले में सबसे ज्यादा परेशानी है… भोजपुर: बारात आने वाली थी, सिलेंडर नहीं था भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड के बड़हरा गांव में जितेंद्र सिंह की बेटी की शादी गुरुवार थी। घर में बारात आने की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन गैस की किल्लत थी। जितेंद्र सिंह पिछले दो दिनों से लगातार गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे थे, सुबह से लाइन में लगकर घंटों इंतजार किया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पाया। बारात आने में अब सिर्फ कुछ ही घंटे बचे थे। ऐसे में परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर लकड़ी का इंतजाम किया, ताकि कम से कम बेटी की शादी में मेहमानों के लिए खाना तैयार किया जा सके। 1500 से ज्यादा लोगों का खाना लकड़ी पर बना घर के लोगों ने कहा कि कॉमर्शियल गैस मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है, जिसके कारण 1500 से 2000 लोगों के लिए खाना लकड़ी पर बनवाना पड़ा। इससे न सिर्फ मेहनत बढ़ गई है बल्कि खर्च भी काफी ज्यादा हुआ। गैस की इस किल्लत के बीच बाजार में कोयले और लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है।
गया: 10 दिन से समस्या, ऐसा ही रहा तो कारोबार बंद करना पड़ सकता गयाजी शहर के बाबा रेस्टोरेंट एंड कैटरर के संचालक बारमेश्वर उपाध्याय बताते हैं कि 10 दिन से समस्या बनी हुई है। किसी तरह जुगाड़ कर काम चला रहे हैं। शहर की कोई भी गैस एजेंसी कॉमर्शियल सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। फोन करने पर जवाब मिलता है कि सिलेंडर नहीं है। इसके बाद फोन भी काट दिया जाता है। दोस्त-रिश्तेदारों की मदद से अब तक रेस्टोरेंट और कैटरिंग का काम चल रहा है, लेकिन अगर यही स्थिति कुछ दिन और रही तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है। बारमेश्वर उपाध्याय कहते हैं कि बड़े स्तर पर कैटरिंग के ऑर्डर रहते हैं। जो ऑर्डर पहले लिए गए थे उन्हें किसी तरह पूरा किया है, लेकिन ग्राहक किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं होते। उनका साफ कहना होता है कि बुकिंग सेवा शर्त के मुताबिक हुई है, इसलिए इंतजाम करना आपकी जिम्मेदारी है। कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है शहर के अजातशत्रु बैंक्वेट हॉल के डायरेक्टर निशांत कुमार कहते हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बैंक्वेट हॉल की बुकिंग और कैटरिंग के ऑर्डर किसी तरह पूरे किए जा रहे हैं। कुछ व्यंजन अब कोयले के चूल्हे पर तैयार कराने की नौबत आ गई है। अगर संकट कुछ दिन और बना रहा तो कई छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में स्टाफ पर भी असर पड़ेगा। कई जगह कर्मचारियों की छुट्टी करनी पड़ सकती है। बोधगया में रेस्टोरेंट संचालक और जिला परिषद सदस्य रवि कुमार ने गैस की किल्लत के कारण बुधवार को अपना एक रेस्टोरेंट बंद कर दिया। रेस्टोरेंट में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद जिलापूर्ति अधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हाल के लिए कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। ऐसा ऊपर से आदेश आया है। कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई केवल हॉस्टल और अस्पताल में किए जाएंगे। इस बात से सभी को अवगत कराया जा रहा है। घरेलू को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि इस सेक्टर में किसी प्रकार का कोई संकट न खड़ा हो। समस्तीपुर : यहां भी 10 दिन से सप्लाई बंद समस्तीपुर में पिछले 10 दिनों से कॉमर्शियल गैंस सिलेंडर की आपूर्ति बंद है। शहर के मोहनपुर रोड के मैरेज हॉल संचालक अमित गुंजन बताते हैं कि कॉमर्शियल गैंस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। जिससे शादी में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। अभी इधर-उधर से काम चल रहा है, लेकिन युद्ध लंबा चला तो अप्रैल महीने में होने वाली शादियों को रद्द करनी पड़ सकती है। अप्रैल महीने में 15, 20, 21, 25 की तारीख में इंक्वाईरी आ चुकी है। मैरेज हॉल बुक भी हो गया है, लेकिन युद्ध के कारण शादी रद्द हो जाय तो बड़ी बात नहीं होगी।
मेरे लिए तो अब कोयला ही सहारा शहर के रामदयाल ढाला पर छोटा सा होटल चलाने वाले विनोद कुमार राय ने कहा कि कॉर्मार्शियल गैंस की आपूर्ति बंद कर दी गई है। ऐसी स्थिति में काफी परेशानी हो रही है। गैस आपूर्ति की उम्मीद छोड़ कोयला का नया चूल्ला बनाया है। प्रदूषण के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब सिलेंडर नहीं मिलेगा तो कोयला ही सहारा बनेगा।
कालाबाजारी पर नजर रखी जाएगी सदर एसडीओ दिलीप कुमार ने कहा कि गैस सिलेंडर की किल्लत को देखते हुए सभी गैस गोदामों पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की निगरानी में गैस सिलेंडर का वितरण किया जाएगा। कालाबाजारी पर नजर रखी जा रही है। दरभंगा: डीएमसीएच में मरीजों के खाने पर भी आफत दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मरीजों का खाना बनाने में आफत आ सकती है। कैंटीन में अब मात्र 1 दिन के लिए ही गैस सिलेंडर बचा है। डीएमसीएच में रोज करीब 1700 मरीजों और अस्पताल कर्मियों के लिए खाना तैयार किया जाता है। कैंटीन मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि फिलहाल 3 गैस सिलेंडर बचे हैं। किसी तरह आज और कल का भोजन तैयार हो पाएगा, लेकिन इसके बाद संकट है। होटलों में घरैलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल दरभंगा में रसोई गैस की आपूर्ति कम होने से‎ जिले के कई इलाकों में उपभोक्ताओं की परेशानी‎ बढ़ गई है। शहर के बहेड़ी,‎ कमतौल बाजार समेत कई एलपीजी गैस एजेंसियों ‎के गोदामों पर पिछले एक सप्ताह से उपभोक्ताओं ‎की भारी भीड़ उमड़ रही है। बहेड़ी बाजार स्थित‎ गैस एजेंसी के बाहर कई दिनों से सुबह-सुबह ‎खाली सिलेंडर लेकर उपभोक्ताओं की लंबी कतार ‎लग जाती है। लोग सुबह 4 बजे से ही लाइन ‎में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर‎ आ रहे हैं। कई चाय-पान और‎ होटलों में घरैलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा ‎है। लग्न ज्यादा नहीं होने से बुकिंग कम ज्यादातर मैरिज हॉल के संचालकों ने ऑन कैमरा कुछ भी कहने से परहेज किया, लेकिन ऑफ कैमरा बातचीत में उन्होंने बताया कि फिलहाल शादी का लग्न ज्यादा नहीं होने के कारण बुकिंग कम है। ऐसे में जो एक-दो कार्यक्रम हैं, उन्हें उपलब्ध सिलेंडर से आसानी से पूरा किया जा सकता है। कुछ संचालकों ने यह भी बताया कि अभी उनके यहां कोई बुकिंग नहीं है, इसलिए गैस की कमी का सीधा असर महसूस नहीं हो रहा है। होटल के बाहर लगाया नोटिस, सेवा में थोड़ी देर हो सकती कई रेस्टोरेंट में ग्राहकों के लिए सूचना भी दी गई है कि गैस की कमी के कारण सेवा देने में थोड़ी देर हो सकती है। नोटिस में ग्राहकों से 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कारोबार पर और असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, दरभंगा में गैस सिलेंडर की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर दिख रहा है।
पूर्णिया: यहां कारोबारियों ने कहा, नुकसान हो रहा पूर्णिय में मैरेज गार्डन के मैनेजर रवि और चित्रवाणी मैरेज हॉल के ऑनर ने बताया कि गैस की किल्लत की वजह से लोग बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं। मैरिज डेट आगे बढ़ा रहे हैं। इससे हमें बड़ा लॉस हो रहा है। टेंट, फूडिंग और इवेंट वाले कुछ सुनने को तैयार नहीं। वे बुकिंग के पैसे वापस देने तक को तैयार नहीं। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति सभी मैरेज हॉल मालिकों की है। एजेंसी के पास स्टॉक खत्म होटल संचालक रवि कुमार ने कहा कि गैस एजेंसी के पास कॉमर्शियल गैस की स्टॉक भी खत्म हो चुकी है। वे फोन तक नहीं उठा रहे। एजेंसी जाने पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा। ऐसी ही स्थिति रही तो सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपना कारोबार बंद करना पड़ेगा। बिचौलियों को भी मौका मिल गया है। ब्लैक में गैस बेचा जा रहा है।
अब पढ़िए कहां सामान्य है स्थिति…
औरंगाबाद में स्थिति सामान्य
औरंगाबाद में शहर के प्रमुख वृंदावन होटल एंड रिसॉर्ट के मैनेजर सौरव सिन्हा ने बताया कि फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है। कल भी यहां कॉमर्शियल सिलेंडर मंगाया गया है। बुकिंग डेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। गैस की कमी को लेकर फिलहाल कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई है। मुजफ्फरपुर में कारोबारी बोले, आने वाले दिन के लिए तैयारी हो रही मुजफ्फरपुर के श्री बंशी गार्डन रिसॉर्ट के प्रबंधक अभिनंदन कुमार ने बताया कि फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है जिससे तुरंत संकट की स्थिति बनती दिखे। हालांकि भविष्य में किसी तरह की समस्या से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहा हूं। रिजॉर्ट परिसर में मिट्टी के चूल्हे तैयार किए जाएंगे, जिन्हें लकड़ी से चलाया जा सकेगा। क्योंकि आने वाले दिनों में यहां कई शादियां और समारोह होने वाले हैं, इसलिए हर स्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। अभिनंदन कुमार के अनुसार, सबसे व्यस्त लग्न 11 मार्च का था। एजेंसी के पास सिलेंडर का स्टॉक है कहा कि रिसॉर्ट की ओर से भी गैस एजेंसी संचालकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। जरूरत पड़ने पर सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। समारोह में भोजन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और इसी से आयोजन की पहचान बनती है, इसलिए इसमें किसी तरह की कमी करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि बड़े अधिकारियों से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विशेष बातचीत नहीं हुई है, लेकिन गैस एजेंसी संचालकों से लगातार बात हो रही है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, फिर भी एहतियात के तौर पर रिजॉर्ट प्रबंधन हर संभव वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है ताकि आने वाले समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें। रिपोर्टर: अभिनय, सुधांशु, दीपेश, आकाश, राजन, मोहन मंगलम और मुरारी। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई इन दिनों कम हो रही है। गयाजी-समस्तीपुर में सप्लाई करीब 10 दिन से बंद है। इस कारण होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल कारोबारियों में चिंता है। शहर की गैस एजेंसियों से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गयाजी में एक रेस्टोरेंट बंद भी हो चुका है। भोजपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से शादी का खाना लकड़ी के चूल्हे पर बनाना पड़ा। वहीं, मुजफ्फरपुर में कारोबारियों का कहना है कि अभी हमारे पास सिलेंडर है, पर इमरजेंसी के लिए हमने कोयला-लकड़ी वाला चूल्हा बना लिया है। समस्तीपुर में भी सप्लाई बंद है, व्यवसायी सोच रहे हैं इस महीने तो शादियों का डेट खत्म हो गया, आने वाले दिन में जो शादियां हैं, उसे कैसे मैनेज करें। दरभंगा के डीएमसीएच के कैंटिन में सिर्फ तीन ही कॉमर्शियल सिरेंडर बचे हैं। गुरुवार को खाना बन गया, शुक्रवार से मरीजों के खाने पर आफत हो सकता है।
गयाजी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, भोजपुर और पूर्णिया, इन 7 जिलों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर क्राइसिस पर पढ़िए रिपोर्ट, कारोबारियों की क्या है परेशानी…
कारोबारी क्या कह रहे, इससे पहले पढ़ें शादियों के मुहुर्त… मार्च में शादियों के शुभ मुहुर्त खत्म हो चुके हैं। 14 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। शादियां नहीं होंगी। अप्रैल में 15 से 29 अप्रैल के बीच 8 दिन शुभ मुहुर्त है। इसके बाद मई में भी 8 दिन 1 से 14 मई तक शादियां होंगी। कारोबारियों को डर है कि अगर इन अगर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की यही स्थिति रही तो शादियों में खाना बनाना आसान नहीं होगा। सबसे पहले जानें किस जिले में सबसे ज्यादा परेशानी है… भोजपुर: बारात आने वाली थी, सिलेंडर नहीं था भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड के बड़हरा गांव में जितेंद्र सिंह की बेटी की शादी गुरुवार थी। घर में बारात आने की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन गैस की किल्लत थी। जितेंद्र सिंह पिछले दो दिनों से लगातार गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे थे, सुबह से लाइन में लगकर घंटों इंतजार किया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पाया। बारात आने में अब सिर्फ कुछ ही घंटे बचे थे। ऐसे में परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर लकड़ी का इंतजाम किया, ताकि कम से कम बेटी की शादी में मेहमानों के लिए खाना तैयार किया जा सके। 1500 से ज्यादा लोगों का खाना लकड़ी पर बना घर के लोगों ने कहा कि कॉमर्शियल गैस मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है, जिसके कारण 1500 से 2000 लोगों के लिए खाना लकड़ी पर बनवाना पड़ा। इससे न सिर्फ मेहनत बढ़ गई है बल्कि खर्च भी काफी ज्यादा हुआ। गैस की इस किल्लत के बीच बाजार में कोयले और लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है।
गया: 10 दिन से समस्या, ऐसा ही रहा तो कारोबार बंद करना पड़ सकता गयाजी शहर के बाबा रेस्टोरेंट एंड कैटरर के संचालक बारमेश्वर उपाध्याय बताते हैं कि 10 दिन से समस्या बनी हुई है। किसी तरह जुगाड़ कर काम चला रहे हैं। शहर की कोई भी गैस एजेंसी कॉमर्शियल सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। फोन करने पर जवाब मिलता है कि सिलेंडर नहीं है। इसके बाद फोन भी काट दिया जाता है। दोस्त-रिश्तेदारों की मदद से अब तक रेस्टोरेंट और कैटरिंग का काम चल रहा है, लेकिन अगर यही स्थिति कुछ दिन और रही तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है। बारमेश्वर उपाध्याय कहते हैं कि बड़े स्तर पर कैटरिंग के ऑर्डर रहते हैं। जो ऑर्डर पहले लिए गए थे उन्हें किसी तरह पूरा किया है, लेकिन ग्राहक किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं होते। उनका साफ कहना होता है कि बुकिंग सेवा शर्त के मुताबिक हुई है, इसलिए इंतजाम करना आपकी जिम्मेदारी है। कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है शहर के अजातशत्रु बैंक्वेट हॉल के डायरेक्टर निशांत कुमार कहते हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बैंक्वेट हॉल की बुकिंग और कैटरिंग के ऑर्डर किसी तरह पूरे किए जा रहे हैं। कुछ व्यंजन अब कोयले के चूल्हे पर तैयार कराने की नौबत आ गई है। अगर संकट कुछ दिन और बना रहा तो कई छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में स्टाफ पर भी असर पड़ेगा। कई जगह कर्मचारियों की छुट्टी करनी पड़ सकती है। बोधगया में रेस्टोरेंट संचालक और जिला परिषद सदस्य रवि कुमार ने गैस की किल्लत के कारण बुधवार को अपना एक रेस्टोरेंट बंद कर दिया। रेस्टोरेंट में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद जिलापूर्ति अधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हाल के लिए कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। ऐसा ऊपर से आदेश आया है। कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई केवल हॉस्टल और अस्पताल में किए जाएंगे। इस बात से सभी को अवगत कराया जा रहा है। घरेलू को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि इस सेक्टर में किसी प्रकार का कोई संकट न खड़ा हो। समस्तीपुर : यहां भी 10 दिन से सप्लाई बंद समस्तीपुर में पिछले 10 दिनों से कॉमर्शियल गैंस सिलेंडर की आपूर्ति बंद है। शहर के मोहनपुर रोड के मैरेज हॉल संचालक अमित गुंजन बताते हैं कि कॉमर्शियल गैंस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। जिससे शादी में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। अभी इधर-उधर से काम चल रहा है, लेकिन युद्ध लंबा चला तो अप्रैल महीने में होने वाली शादियों को रद्द करनी पड़ सकती है। अप्रैल महीने में 15, 20, 21, 25 की तारीख में इंक्वाईरी आ चुकी है। मैरेज हॉल बुक भी हो गया है, लेकिन युद्ध के कारण शादी रद्द हो जाय तो बड़ी बात नहीं होगी।
मेरे लिए तो अब कोयला ही सहारा शहर के रामदयाल ढाला पर छोटा सा होटल चलाने वाले विनोद कुमार राय ने कहा कि कॉर्मार्शियल गैंस की आपूर्ति बंद कर दी गई है। ऐसी स्थिति में काफी परेशानी हो रही है। गैस आपूर्ति की उम्मीद छोड़ कोयला का नया चूल्ला बनाया है। प्रदूषण के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब सिलेंडर नहीं मिलेगा तो कोयला ही सहारा बनेगा।
कालाबाजारी पर नजर रखी जाएगी सदर एसडीओ दिलीप कुमार ने कहा कि गैस सिलेंडर की किल्लत को देखते हुए सभी गैस गोदामों पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की निगरानी में गैस सिलेंडर का वितरण किया जाएगा। कालाबाजारी पर नजर रखी जा रही है। दरभंगा: डीएमसीएच में मरीजों के खाने पर भी आफत दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मरीजों का खाना बनाने में आफत आ सकती है। कैंटीन में अब मात्र 1 दिन के लिए ही गैस सिलेंडर बचा है। डीएमसीएच में रोज करीब 1700 मरीजों और अस्पताल कर्मियों के लिए खाना तैयार किया जाता है। कैंटीन मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि फिलहाल 3 गैस सिलेंडर बचे हैं। किसी तरह आज और कल का भोजन तैयार हो पाएगा, लेकिन इसके बाद संकट है। होटलों में घरैलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल दरभंगा में रसोई गैस की आपूर्ति कम होने से‎ जिले के कई इलाकों में उपभोक्ताओं की परेशानी‎ बढ़ गई है। शहर के बहेड़ी,‎ कमतौल बाजार समेत कई एलपीजी गैस एजेंसियों ‎के गोदामों पर पिछले एक सप्ताह से उपभोक्ताओं ‎की भारी भीड़ उमड़ रही है। बहेड़ी बाजार स्थित‎ गैस एजेंसी के बाहर कई दिनों से सुबह-सुबह ‎खाली सिलेंडर लेकर उपभोक्ताओं की लंबी कतार ‎लग जाती है। लोग सुबह 4 बजे से ही लाइन ‎में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर‎ आ रहे हैं। कई चाय-पान और‎ होटलों में घरैलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा ‎है। लग्न ज्यादा नहीं होने से बुकिंग कम ज्यादातर मैरिज हॉल के संचालकों ने ऑन कैमरा कुछ भी कहने से परहेज किया, लेकिन ऑफ कैमरा बातचीत में उन्होंने बताया कि फिलहाल शादी का लग्न ज्यादा नहीं होने के कारण बुकिंग कम है। ऐसे में जो एक-दो कार्यक्रम हैं, उन्हें उपलब्ध सिलेंडर से आसानी से पूरा किया जा सकता है। कुछ संचालकों ने यह भी बताया कि अभी उनके यहां कोई बुकिंग नहीं है, इसलिए गैस की कमी का सीधा असर महसूस नहीं हो रहा है। होटल के बाहर लगाया नोटिस, सेवा में थोड़ी देर हो सकती कई रेस्टोरेंट में ग्राहकों के लिए सूचना भी दी गई है कि गैस की कमी के कारण सेवा देने में थोड़ी देर हो सकती है। नोटिस में ग्राहकों से 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कारोबार पर और असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, दरभंगा में गैस सिलेंडर की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर दिख रहा है।
पूर्णिया: यहां कारोबारियों ने कहा, नुकसान हो रहा पूर्णिय में मैरेज गार्डन के मैनेजर रवि और चित्रवाणी मैरेज हॉल के ऑनर ने बताया कि गैस की किल्लत की वजह से लोग बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं। मैरिज डेट आगे बढ़ा रहे हैं। इससे हमें बड़ा लॉस हो रहा है। टेंट, फूडिंग और इवेंट वाले कुछ सुनने को तैयार नहीं। वे बुकिंग के पैसे वापस देने तक को तैयार नहीं। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति सभी मैरेज हॉल मालिकों की है। एजेंसी के पास स्टॉक खत्म होटल संचालक रवि कुमार ने कहा कि गैस एजेंसी के पास कॉमर्शियल गैस की स्टॉक भी खत्म हो चुकी है। वे फोन तक नहीं उठा रहे। एजेंसी जाने पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा। ऐसी ही स्थिति रही तो सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपना कारोबार बंद करना पड़ेगा। बिचौलियों को भी मौका मिल गया है। ब्लैक में गैस बेचा जा रहा है।
अब पढ़िए कहां सामान्य है स्थिति…
औरंगाबाद में स्थिति सामान्य
औरंगाबाद में शहर के प्रमुख वृंदावन होटल एंड रिसॉर्ट के मैनेजर सौरव सिन्हा ने बताया कि फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है। कल भी यहां कॉमर्शियल सिलेंडर मंगाया गया है। बुकिंग डेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। गैस की कमी को लेकर फिलहाल कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई है। मुजफ्फरपुर में कारोबारी बोले, आने वाले दिन के लिए तैयारी हो रही मुजफ्फरपुर के श्री बंशी गार्डन रिसॉर्ट के प्रबंधक अभिनंदन कुमार ने बताया कि फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है जिससे तुरंत संकट की स्थिति बनती दिखे। हालांकि भविष्य में किसी तरह की समस्या से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहा हूं। रिजॉर्ट परिसर में मिट्टी के चूल्हे तैयार किए जाएंगे, जिन्हें लकड़ी से चलाया जा सकेगा। क्योंकि आने वाले दिनों में यहां कई शादियां और समारोह होने वाले हैं, इसलिए हर स्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। अभिनंदन कुमार के अनुसार, सबसे व्यस्त लग्न 11 मार्च का था। एजेंसी के पास सिलेंडर का स्टॉक है कहा कि रिसॉर्ट की ओर से भी गैस एजेंसी संचालकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। जरूरत पड़ने पर सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। समारोह में भोजन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और इसी से आयोजन की पहचान बनती है, इसलिए इसमें किसी तरह की कमी करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि बड़े अधिकारियों से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विशेष बातचीत नहीं हुई है, लेकिन गैस एजेंसी संचालकों से लगातार बात हो रही है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, फिर भी एहतियात के तौर पर रिजॉर्ट प्रबंधन हर संभव वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है ताकि आने वाले समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें। रिपोर्टर: अभिनय, सुधांशु, दीपेश, आकाश, राजन, मोहन मंगलम और मुरारी।  

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