अरवल जिले में गर्मी के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इस बीच, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जिला नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर खराब होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिकायतें दर्ज कराने में नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न गांवों के निवासी संजय सिंह और सत्येंद्र सिंह ने बताया कि चापाकल की मरम्मत के लिए वे कई दिनों से टोल-फ्री नंबर पर फोन कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। मजबूरन उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए विभाग के कार्यालय आना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, हेल्पलाइन नंबर पर कभी फोन लगता है तो कभी बिल्कुल नहीं लगता। कई बार फोन लगने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं हो पाता, जिससे लोग अपनी समस्या बता नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर कनीय अभियंता लक्ष्मण चौधरी ने बताया कि टेलीफोन में तकनीकी खराबी आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए जल्द ही टेलीफोन की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि लोगों की शिकायतें ठीक से सुनी जा सकें। फिलहाल, विभाग द्वारा जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लोगों को राहत प्रदान करने की उम्मीद जताई जा रही है। अरवल जिले में गर्मी के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इस बीच, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जिला नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर खराब होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिकायतें दर्ज कराने में नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न गांवों के निवासी संजय सिंह और सत्येंद्र सिंह ने बताया कि चापाकल की मरम्मत के लिए वे कई दिनों से टोल-फ्री नंबर पर फोन कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। मजबूरन उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए विभाग के कार्यालय आना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, हेल्पलाइन नंबर पर कभी फोन लगता है तो कभी बिल्कुल नहीं लगता। कई बार फोन लगने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं हो पाता, जिससे लोग अपनी समस्या बता नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर कनीय अभियंता लक्ष्मण चौधरी ने बताया कि टेलीफोन में तकनीकी खराबी आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए जल्द ही टेलीफोन की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि लोगों की शिकायतें ठीक से सुनी जा सकें। फिलहाल, विभाग द्वारा जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लोगों को राहत प्रदान करने की उम्मीद जताई जा रही है।


