दमोह में 10वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या:स्कूल से पेपर देकर निकला था; पुलिस ने 8 नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया

दमोह में 10वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या:स्कूल से पेपर देकर निकला था; पुलिस ने 8 नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया

दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र में दसवीं कक्षा के एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मलैया मिल के समीप हुई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 8 नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद घूरने को लेकर शुरू हुआ था। मृतक छात्र ऋषि अहिरवार (14) देहात थाना के इमलाई गांव का निवासी था। शुक्रवार दोपहर वह ओजस्विनी स्कूल परीक्षा केंद्र से दसवीं का पेपर देकर बाहर निकल रहा था। इसी दौरान अज्ञात आरोपियों ने उसे चाकू मार दिया। उसके साथी उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर 8 नाबालिग छात्रों की पहचान की गई और उन्हें अभिरक्षा में ले लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य नाबालिग आरोपी ने बताया कि मृतक के साथ उसकी 27 फरवरी और 2 मार्च को भी झड़प हुई थी। विवाद का कारण यह था कि परीक्षा के दौरान मृतक ने उसे घूर कर देखा था और गाली-गलौज की थी, जिसके बाद यह बात बढ़ती गई। आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी के पेपर में मृतक ने उसे घूर कर देखा था, जो उसे बर्दाश्त नहीं हुआ। जब उसने ऋषि से पूछा तो वह गालियां देकर विवाद करने लगा। 2 मार्च को इसी बात को लेकर फिर झगड़ा हुआ था। पेपर के दिन देख लेंगे
एसपी सोमवंशी ने बताया शुक्रवार दोपहर जब कक्षा दसवीं का छात्र पेपर देकर परीक्षा केंद्र के बाहर निकल रहा था। इसी दौरान मुख्य आरोपी ने सात अन्य नाबालिक छात्रों के साथ मिलकर उस पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से भाग गए। तत्काल ही उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपियों को हिरासत में लिया गया और शनिवार को उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया गया। एसपी ने कहा कि इस मामले में महिला अधिकारी से भी काउंसलिंग कराई जा रही है।
मजदूर वर्ग से हैं आरोपी
पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों के बारे में यह जानकारी सामने आई यह सभी मजदूर वर्ग के परिवारों के बच्चे हैं, जिनकी उम्र 14 से 15 वर्ष है। चार बच्चों के पिता दमोह में ही मजदूरी करते हैं। बाकी बच्चों के पिता बाहर हैं, महिलाएं इन बच्चों को संभालती हैं। सभी गरीब परिवार के बच्चे हैं।
एक ही मोहल्ले के हैं आरोपी
एसपी ने बताया आरोपियों में सात छात्र एक ही स्कूल के हैं एक छात्र दूसरे स्कूल का है जो आरोपियों के मोहल्ले में ही रहता है। शुक्रवार को आरोपियों के द्वारा जो घटना घटित की गई है उन्होंने इस बात को कबूला है कि 2 मार्च को इनके बीच घटनाक्रम को अंजाम देने की बात हुई थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी समझ में आया कि इनका व्यवहार बच्चों जैसा नहीं है, लेकिन उम्र से मानसिक रूप से बच्चे जैसे प्रतीत होते हैं। इस प्रकार के गंभीर अपराधों में पुलिस मेडिकल चेक करवाती है ताकि उनकी मानसिक स्थिति हम ठीक से जांचे। उसके बाद हम यह पड़ताल करें कि इनसे हम बच्चे की तरह व्यवहार करें या वयस्क की तरह। मामले में जांच जारी है।

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