होली पर्व के बाद जिले में सड़क हादसों और आपसी विवादों की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप अस्पतालों में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड सहित जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे के भीतर 322 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। इनमें से 148 लोग सड़क दुर्घटनाओं और मारपीट की घटनाओं में घायल होकर अस्पताल पहुंचे थे।होली के दिन और उसके तुरंत बाद की अवधि में ओपीडी में लगभग 315 मरीजों का उपचार किया गया। इसी दौरान एक्स-रे विभाग में 267 लोगों की जांच की गई। इस अवधि में करीब 108 मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) भी दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकांश मामले सड़क दुर्घटनाओं और आपसी विवादों से संबंधित थे। घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में सरकारी एंबुलेंस सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में संचालित राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 और 102 लगातार सक्रिय रहीं। इन एंबुलेंसों ने लगभग 294 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाया और होली के दौरान करीब 9 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। जिले के भाटपाररानी, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, गौरीबाजार, लार, बरहज, रुद्रपुर, भटनी और तरकुलवा जैसे क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाओं ने सक्रियता से काम किया। जिला अस्पताल की चार एंबुलेंसों ने भी लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय कर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। होली के बाद गुरुवार और शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में कुल 13 शव पहुंचे। इनमें से 8 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई थी।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा ने बताया कि होली के दिन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि होली के दौरान चार सौ से अधिक मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें अधिकांश लोग सड़क हादसों और आपसी विवादों में घायल हुए थे।


