श्रीसांवलियाजी मंदिर में दूसरे राउंड की काउंटिंग पूरी:दो चरणों में 17.90 करोड़ हुए प्राप्त, 2 दिन बाद हुई गिनती

श्रीसांवलियाजी मंदिर में दूसरे राउंड की काउंटिंग पूरी:दो चरणों में 17.90 करोड़ हुए प्राप्त, 2 दिन बाद हुई गिनती

मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर में भंडार से निकली राशि की गिनती दो दिन के बाद गुरुवार को फिर से शुरू की गई। मंदिर प्रशासन की ओर से राजभोग आरती के बाद काउंटिंग का काम शुरू किया गया, जो शाम तक लगातार चलता रहा। दूसरे चरण की गिनती में मंदिर के भंडार से 7 करोड़ 25 लाख 80 हजार रुपए की राशि सामने आई है। इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार की गई। भंडार की गिनती को लेकर मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता का माहौल बना रहा। सांवलिया सेठ के भंडार से हर बार बड़ी मात्रा में दान राशि निकलती है। गुरुवार को हुई इस गिनती के बाद अब तक कुल राशि और ज्यादा बढ़ गई है। दो चरणों में अब तक करीब 18 करोड़ रुपए की प्राप्ति मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि अब तक दो राउंड में भंडार की गिनती हो चुकी हैं। इन दोनों राउंड को मिलाकर कुल 17 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। पहले चरण में ही बड़ी राशि सामने आई थी और दूसरे चरण की गिनती में भी करोड़ों रुपए निकले हैं। मंदिर में देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान भी करते हैं। 2 मार्च को खुला था भंडार, पहले चरण में 10 करोड़ से ज्यादा की गिनती मंदिर का भंडार 2 मार्च को खोला गया था। उसी दिन से दान राशि की गिनती का काम शुरू किया गया था। पहले चरण में करीब 10 करोड़ 65 लाख रुपए की गिनती की गई थी। तीसरे राउंड की काउंटिंग कल यानी शुक्रवार को की जाएगी। भंडार खोलने और गिनती की प्रक्रिया के दौरान पूरी व्यवस्था मंदिर मंडल और कर्मचारियों की देखरेख में की जाती है। श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई नकदी, सिक्के और अन्य दान सामग्री को व्यवस्थित तरीके से अलग किया जाता है और फिर उसकी गिनती की जाती है। ग्रहण और फूलडोल महोत्सव के कारण दो दिन रुकी रही काउंटिंग भंडार की गिनती लगातार नहीं हो पाई, क्योंकि बीच में दो दिनों तक धार्मिक कारणों से यह काम रोक दिया गया था। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक का प्रभाव होने के कारण उस दिन काउंटिंग नहीं की गई। इसके बाद 4 मार्च को मंदिर में फूलडोल महोत्सव का आयोजन था, जिसके चलते भी गिनती का काम नहीं हो सका। इन दोनों कारणों से दो दिन तक काउंटिंग रुकी रही। इसके बाद गुरुवार को फिर से भंडार से निकली राशि की गिनती शुरू की गई। मंदिर प्रशासन के अनुसार आगे भी जरूरत के अनुसार भंडार की गिनती जारी रखी जाएगी।

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