बीएसएस कॉलेजिएट स्कूल में सोमवार को इंट्रीग्रेटेड मैथ और सांइस (ISM) लैब के प्रखंड स्तरीय ट्रेनर को ट्रेनिंग दी गई। जिसमें सभी 18 प्रखंडों से गणित, विज्ञान और कंप्यूटर के एक-एक शिक्षक शामिल थे। प्रशिक्षण का शुभारंभ बिहार शिक्षा परियोजना बेगूसराय के गुणवत्ता समन्वयक कजली शील, कॉलेजिएट स्कूल के प्रधानाध्यापक अनुराधा कुमारी, प्रशिक्षक कुंदन कुमार नवीन और मो. सैयमुद्दीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कजली शील ने कहा कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में उपलब्ध आइएसएम लैब को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तरीय ट्रेनर आज प्रशिक्षण लेने के बाद 30 अप्रैल तक अपने प्रखंड के सभी हाईस्कूल के एक-एक गणित, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। स्मार्ट क्लास से जुड़ी जानकारी दी मास्टर ट्रेनर कुंदन कुमार नवीन ने उपस्थित सभी शिक्षकों को आइएसएम लैब के तहत आने वाले मॉडल के बारे में बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने स्मार्ट क्लास संबंधित जानकारी भी कंप्यूटर शिक्षकों को दी। कहा कि जिस स्कूल में लैब नहीं है, वहां कैसे टेक्नोलॉजी का उपयोग करके सीखने का अवसर दिया जा सकता है। मो. सैयमुद्दीन ने कंप्यूटर शिक्षकों को स्टेम एजुकेशन किट के सेंसरों के उपयोग तथा मैकेनिकल किट के उपयोग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अपने विद्यालय के बच्चों द्वारा बनाए गए ब्लाइंड स्टिक को शिक्षकों के बीच दिखा कर प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी शिक्षकों ने सीखकर अपना-अपना रिप्रजेंटेशन दिया। क्या है आइएसएम लैब उच्च विद्यालय में गणित, विज्ञान और स्टेम एजुकेशन को बढ़ावा देने व अनुभव आधारित अधिगम को स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा छह प्लास्टिक का अलमीरा, चार बड़ा टेबल, 30 स्टूल , 25 गणितीय मॉडल, 25 विज्ञान मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और स्टेम किट पिछले साल ही विद्यालयों को उपलब्ध कराया जा चुका है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने कहा है कि इन सामानों के सदुपयोग और हाईस्कूल में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण की अनिवार्यता महसूस की जा रही थी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद आइएसएम लैब के सुचारू रूप से संचालित होने का निरीक्षण किया जाएगा। बीएसएस कॉलेजिएट स्कूल में सोमवार को इंट्रीग्रेटेड मैथ और सांइस (ISM) लैब के प्रखंड स्तरीय ट्रेनर को ट्रेनिंग दी गई। जिसमें सभी 18 प्रखंडों से गणित, विज्ञान और कंप्यूटर के एक-एक शिक्षक शामिल थे। प्रशिक्षण का शुभारंभ बिहार शिक्षा परियोजना बेगूसराय के गुणवत्ता समन्वयक कजली शील, कॉलेजिएट स्कूल के प्रधानाध्यापक अनुराधा कुमारी, प्रशिक्षक कुंदन कुमार नवीन और मो. सैयमुद्दीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कजली शील ने कहा कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में उपलब्ध आइएसएम लैब को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तरीय ट्रेनर आज प्रशिक्षण लेने के बाद 30 अप्रैल तक अपने प्रखंड के सभी हाईस्कूल के एक-एक गणित, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। स्मार्ट क्लास से जुड़ी जानकारी दी मास्टर ट्रेनर कुंदन कुमार नवीन ने उपस्थित सभी शिक्षकों को आइएसएम लैब के तहत आने वाले मॉडल के बारे में बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने स्मार्ट क्लास संबंधित जानकारी भी कंप्यूटर शिक्षकों को दी। कहा कि जिस स्कूल में लैब नहीं है, वहां कैसे टेक्नोलॉजी का उपयोग करके सीखने का अवसर दिया जा सकता है। मो. सैयमुद्दीन ने कंप्यूटर शिक्षकों को स्टेम एजुकेशन किट के सेंसरों के उपयोग तथा मैकेनिकल किट के उपयोग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अपने विद्यालय के बच्चों द्वारा बनाए गए ब्लाइंड स्टिक को शिक्षकों के बीच दिखा कर प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी शिक्षकों ने सीखकर अपना-अपना रिप्रजेंटेशन दिया। क्या है आइएसएम लैब उच्च विद्यालय में गणित, विज्ञान और स्टेम एजुकेशन को बढ़ावा देने व अनुभव आधारित अधिगम को स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा छह प्लास्टिक का अलमीरा, चार बड़ा टेबल, 30 स्टूल , 25 गणितीय मॉडल, 25 विज्ञान मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और स्टेम किट पिछले साल ही विद्यालयों को उपलब्ध कराया जा चुका है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने कहा है कि इन सामानों के सदुपयोग और हाईस्कूल में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण की अनिवार्यता महसूस की जा रही थी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद आइएसएम लैब के सुचारू रूप से संचालित होने का निरीक्षण किया जाएगा।


