खामेनेई की मौत पर भावुक हुए सपा विधायक, नमाज के दौरान रो पड़े; ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

खामेनेई की मौत पर भावुक हुए सपा विधायक, नमाज के दौरान रो पड़े; ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

Iqbal Mehmood Khamenei Death: संभल में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद रमजान माह के दौरान गुरुवार को अपने घर के पास स्थित एक मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद जब उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया, तो ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिक्र करते हुए भावुक हो गए।

बताया जाता है कि मस्जिद में मौजूद लोगों के सामने वह रो पड़े और उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि दुनिया में हो रही इस तरह की घटनाएं इंसानियत को झकझोर देने वाली हैं और ऐसे समय में हर इंसान को पीड़ितों के लिए दुआ करनी चाहिए।

ईरान में मारे गए लोगों के लिए की गई विशेष दुआ

यह घटना संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के मोहल्ला मियां सराय स्थित दर्जी वाली मस्जिद की है। यहां नमाज के बाद विधायक इकबाल महमूद ने मस्जिद के इमाम से विशेष तौर पर ईरान में मारे गए लोगों के लिए दुआ करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जो लोग इस हमले में मारे गए हैं, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए और पूरी दुनिया को उनके लिए दुआ करनी चाहिए। शाम करीब पांच बजे मस्जिद में मौजूद लोगों के बीच उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमले का जिक्र करते हुए इसे अमानवीय बताया और कहा कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को उनके कर्मों की सजा मिलनी चाहिए।

मासूम बच्चों की मौत का जिक्र कर हुए भावुक

विधायक ने अपने संबोधन के दौरान खास तौर पर उन मासूम बच्चों का जिक्र किया, जिनकी मौत हमलों में हुई बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 160 कम उम्र के बच्चों पर बमबारी कर उन्हें मार दिया गया, जो बेहद दुखद और अमानवीय घटना है।

उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान के अंदर अगर जरा सा भी दिल है तो वह इन मासूम बच्चों के दर्द को जरूर महसूस करेगा। इस बात को कहते हुए विधायक भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि युद्ध और हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता, बल्कि इससे केवल निर्दोष लोगों की जान जाती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों पर उठाए सवाल

अपने संबोधन में विधायक इकबाल महमूद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ ट्रंप शांति और नोबेल पुरस्कार जैसी बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो पूरी दुनिया को हिला देती हैं।

विधायक ने इसे पाखंडपूर्ण रवैया बताते हुए कहा कि अगर विश्व शांति की बात की जाती है तो ऐसे हमलों को रोकना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि ताकत के बल पर किसी भी देश को झुकाने की कोशिश करना मानवता के खिलाफ है।

युद्ध के बजाय बातचीत को बताया बेहतर रास्ता

अपने संबोधन के अंत में विधायक ने कहा कि किसी भी देश के बीच तनाव या विवाद होने पर तुरंत हमला करना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिकों और बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए।

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