महिला किसान नेता का जंगल में मिला कंकाल, रूह कंपा देने वाला सच आया सामने… प्रेमी ने बताया रोज करती थी ये डिमांड

महिला किसान नेता का जंगल में मिला कंकाल, रूह कंपा देने वाला सच आया सामने… प्रेमी ने बताया रोज करती थी ये डिमांड

श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ककरदरी जंगल से 3 मार्च को बरामद एक कंकाल ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पहचान 25 वर्षीय किसान नेता आंचल मिश्रा के रूप में हुई। जो पिछले पंद्रह दिनों से लापता थीं। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई एक ऐसे शख्स पर जा टिकी, जिस पर उन्हें भरोसा था। जंगल में ले जाकर उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके हिस्ट्रीशीटर प्रेमी ने की थी। दोनों के मोबाइल लोकेशन से पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हो गया।

श्रावस्ती जिले के बांसगढ़ी फत्तेपुर बनगई गांव की रहने वाली आंचल मिश्रा 17 फरवरी 2026 को यह कहकर घर से निकली थीं कि वह भिनगा में किसान यूनियन की बैठक में शामिल होने जा रही हैं। शाम ढल गई, रात हो गई, लेकिन आंचल घर नहीं लौटीं। परिवार की बेचैनी बढ़ी तो पति संतोष मिश्रा ने 19 फरवरी को मल्हीपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी।

जंगल में मिले जले हुए कपड़े और मानव अस्थियों जूते और कपड़े से हुई पहचान

दिन बीतते गए, मगर कोई सुराग हाथ नहीं लगा। फिर 3 मार्च को ककरदरी रेंज के जंगल में जले हुए कपड़ों और मानव अस्थियों के मिलने की सूचना से सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने जूतों और कपड़ों के अवशेषों के आधार पर पहचान की—वह आंचल ही थीं।

प्रेम प्रसंग में पैसों की डिमांड बनी हत्या की वजह

पुलिस ने जब कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली तो एक नाम सामने आया—सूरज वर्मा। पता चला कि पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। तकनीकी जांच में घटना वाले दिन दोनों के मोबाइल की आखिरी लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तो सूरज ने हत्या स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि दोनों के बीच नजदीकी संबंध थे। लेकिन वह रोज पैसों की डिमांड करती थी। जिसको लेकर विवाद बढ़ गया था। आरोप है कि 17 फरवरी को कहासुनी के बाद गुस्से में उसने आंचल की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के इरादे से शव को जंगल में छिपा दिया।

दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। सूरज के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। किसान यूनियन की जिलाध्यक्ष रहीं आंचल अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं।

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