जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने महिषी के पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह को सहरसा का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। इस नियुक्ति से जदयू कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। बुधवार को सोनवर्षा विधायक रत्नेश सादा ने पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह को जिलाध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने इस निर्णय को पार्टी का ऐतिहासिक कदम बताया। विधायक सादा ने कहा कि 1990 से लेकर 2025 के विधानसभा चुनाव तक जदयू के साथ गद्दारी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी ‘जेब में चलने वाली’ नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गूंजेश्वर साह के नेतृत्व में पार्टी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की तरह कार्य करेगी। 2025 के चुनाव में वे कम अंतर से हार गए
पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह महिषी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2005 से 2010 तक और फिर 2020 से 2025 तक विधायक रहे। हालांकि, 2025 के चुनाव में वे कम अंतर से हार गए थे। अब उन्हें पार्टी ने नए जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। गूंजेश्वर साह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के आदेश का पालन करने की बात कही। उन्होंने खुद को दल का एक मामूली सिपाही बताते हुए कहा कि वे पार्टी के आदेशानुसार कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा, ताकि जिले का प्रदर्शन राज्य में बेहतर हो सके। इस अवसर पर जदयू के तमाम कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर नए जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने महिषी के पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह को सहरसा का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। इस नियुक्ति से जदयू कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। बुधवार को सोनवर्षा विधायक रत्नेश सादा ने पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह को जिलाध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने इस निर्णय को पार्टी का ऐतिहासिक कदम बताया। विधायक सादा ने कहा कि 1990 से लेकर 2025 के विधानसभा चुनाव तक जदयू के साथ गद्दारी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी ‘जेब में चलने वाली’ नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गूंजेश्वर साह के नेतृत्व में पार्टी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की तरह कार्य करेगी। 2025 के चुनाव में वे कम अंतर से हार गए
पूर्व विधायक गूंजेश्वर साह महिषी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2005 से 2010 तक और फिर 2020 से 2025 तक विधायक रहे। हालांकि, 2025 के चुनाव में वे कम अंतर से हार गए थे। अब उन्हें पार्टी ने नए जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। गूंजेश्वर साह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के आदेश का पालन करने की बात कही। उन्होंने खुद को दल का एक मामूली सिपाही बताते हुए कहा कि वे पार्टी के आदेशानुसार कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा, ताकि जिले का प्रदर्शन राज्य में बेहतर हो सके। इस अवसर पर जदयू के तमाम कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर नए जिलाध्यक्ष का स्वागत किया।


