Mandana Karimi Leaves India After Khamenei Death: ईरान में बदले हालात और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद दुनिया भर में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच ईरानी मूल की अभिनेत्री मंदाना करीमी ने ऐसा बयान दिया है जिसने उन्हें फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। भारत में कई वर्षों से रह रही मंदाना ने ईरानी शासन को मिडिल ईस्ट का कैंसर बताते हुए अपने दिल की पीड़ा जाहिर की है।
तेहरान से मुंबई तक का सफर (Mandana Karimi Leaves India After Khamenei Death)
तेहरान में जन्मीं मंदाना ने अपने सपनों को उड़ान देने के लिए भारत का रुख किया था। शुरुआत एयर होस्टेस के तौर पर की, लेकिन ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई ले आई। कुछ समय के लिए आईं, पर फिर यहीं बस गईं। मॉडलिंग से फिल्मों तक का सफर तय करते हुए उन्होंने ‘भाग जॉनी’, ‘मैं और चार्ल्स’ और ‘क्या कूल हैं हम 3’ जैसी फिल्मों में काम किया।
रियलिटी टीवी में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। बिग बॉस 9 में उनकी मौजूदगी ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई, वहीं लॉक अप में भी वह नजर आईं, जिसे कंगना रनौत ने होस्ट किया था।
‘48 साल से लड़ रहे हैं लोग’ (Mandana Karimi Leaves India After Khamenei Death)
हालिया इंटरव्यू में मंदाना ने कहा कि ईरान के लोग दशकों से संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आम नागरिकों ने अपनों को खोया, शिक्षण संस्थानों को बंद होते देखा और लगातार दमन झेला। उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर जश्न मनाना आसान नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक चले दमन ने लोगों की भावनाओं को बदल दिया है।
मंदाना ने अपने परिवार और दोस्तों से मिल रही प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के लोगों के भीतर गुस्सा और राहत, दोनों तरह की भावनाएं साथ-साथ चल रही हैं। उनका मानना है कि ईरानी शासन ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर किया है और इसका असर सीमाओं से परे तक गया है।
भारत में प्रदर्शन से आहत
ईरान के हालातों को लेकर भारत के कुछ हिस्सों में हुए विरोध-प्रदर्शनों ने मंदाना को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि जब वो अपने देश के लोगों के समर्थन में शांतिपूर्ण कार्यक्रम करना चाहती थीं, तो उन्हें अनुमति नहीं मिली, जबकि दूसरी ओर अलग तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं। इस स्थिति ने उन्हें भीतर तक आहत किया।
भारत छोड़ने का इशारा
‘बॉलीवुड हंगामा’ से बात करते हुए मंदाना ने हिंट दिया कि वो जल्द ही भारत छोड़ रही हैं। मंदाना ने पहले भी संकेत दिए थे कि वो भारत छोड़ने की सोच रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने यहां करियर, पहचान और दोस्त पाए, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनकी आवाज उतनी प्रभावी नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही उनके देश में राजनीतिक बदलाव की औपचारिक घोषणा होगी, वह वापसी पर विचार करेंगी।
हाल ही में उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना प्राचीन फारसी शासक सायरस द ग्रेट से कर दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई।


