हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए प्रदेश के विकास का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। बजट भाषण में भले ही जिलों का नाम सीमित रूप से लिया गया हो, लेकिन औद्योगिक और कृषि दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले पानीपत के लिए कई अहम और दूरगामी घोषणाएं की गई हैं। किसानों को बेहतर बिजली व्यवस्था, शहर को प्रदूषण से राहत, युवाओं को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग और महिलाओं-बुजुर्गों के लिए विशेष प्रावधान जैसे कदमों ने पानीपत को इस बजट का बड़ा लाभार्थी बना दिया है। किसानों के लिए बड़ी राहत: ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ का गठन प्रदेश सरकार ने किसानों की सबसे बड़ी समस्या- बिजली आपूर्ति और कृषि कनेक्शन- के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बजट में ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ के गठन का ऐलान किया गया है, जो राज्य की तीसरी बिजली वितरण कंपनी होगी। यह कंपनी विशेष रूप से कृषि फीडरों की निगरानी और प्रबंधन का काम संभालेगी। पानीपत के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से नए ट्यूबवेल कनेक्शन लेने में देरी और खराब ट्रांसफॉर्मर बदलवाने की धीमी प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी का कारण रही है। नई कंपनी के गठन से इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। सरकार का दावा है कि अब कृषि फीडरों की अलग मॉनिटरिंग होगी, जिससे लाइन लॉस कम होगा और बिजली आपूर्ति अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही, ट्रांसफॉर्मर खराब होने की स्थिति में उन्हें बदलने की प्रक्रिया में भारी तेजी लाई जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी और फसल उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। प्रदूषण से मुक्ति की दिशा में बड़ा निवेश औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ते वाहनों के कारण पानीपत लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से ₹2,716 करोड़ के हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य शहर में PM2.5 के स्तर को 72 माइक्रोग्राम से घटाकर 53 माइक्रोग्राम तक लाना है। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों के उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को सख्त किया जाएगा, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा और हरित क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। यदि यह योजना सफल रहती है तो पानीपत की हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण: रोजगार के नए अवसर तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में युवाओं को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार ने एक लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए विश्व बैंक से ₹474 करोड़ की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। पानीपत जैसे जिले, जहां बड़ी संख्या में शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में हैं, उनके लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। AI, डेटा एनालिटिक्स और उभरती डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षण मिलने से युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के युवा केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजन में भी योगदान दें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया तो पानीपत के युवाओं को आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। जेंडर और वृद्धजन आधारित बजट: महिलाओं-बुजुर्गों को सीधा लाभ मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी घोषणा की कि अगले वित्त वर्ष से राज्य का बजट ‘जेंडर और वृद्धजन आधारित’ होगा। इसका अर्थ है कि विकास योजनाओं और परियोजनाओं में एक निश्चित हिस्सा महिलाओं और बुजुर्गों के कल्याण के लिए आरक्षित किया जाएगा। पानीपत की महिलाओं के लिए यह कदम विशेष महत्व रखता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में अतिरिक्त संसाधन मिलने की संभावना है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, महिला उद्यमियों के लिए ऋण सुविधा और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, पेंशन योजनाओं और डे-केयर केंद्रों के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। सामाजिक सुरक्षा के इस मजबूत ढांचे से जिले के वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी। संतुलित विकास की ओर बढ़ता पानीपत कुल मिलाकर वर्ष 2026-27 का यह बजट पानीपत के लिए बहुआयामी अवसर लेकर आया है। एक ओर जहां किसानों को बिजली व्यवस्था में सुधार का भरोसा मिला है, वहीं शहर को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ठोस आर्थिक प्रावधान किए गए हैं। युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने और महिलाओं-बुजुर्गों को बजट में प्राथमिकता देने जैसे कदम सामाजिक और आर्थिक संतुलन को मजबूत करेंगे।अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर किस गति और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाता है। यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित हुईं तो पानीपत आने वाले वर्षों में कृषि, उद्योग और मानव विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।


