Petrol Pump Heist Solved in 48 Hours: रामनगर कोतवाली क्षेत्र के दलसराय गांव स्थित पेट्रोल पंप पर हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया। इस वारदात ने उस समय सभी को चौंका दिया, जब यह सामने आया कि चोरी करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी पेट्रोल पंप पर काम करने वाला कर्मचारी था, जो हवा भरने का काम करता था।
पेट्रोल पंप से तिजोरी गायब होने से मचा हड़कंप
घटना बीते सोमवार रात की है, जब दलसराय गांव स्थित ओम साईं फिलिंग स्टेशन से अचानक तिजोरी गायब हो गई। सुबह जब कर्मचारी पंप पर पहुंचे, तो तिजोरी के गायब होने की जानकारी मिली। तिजोरी में तेल बिक्री से प्राप्त लाखों रुपये की नगदी रखी थी। इस घटना से पंप मालिक और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
मैनेजर ने दर्ज कराई रिपोर्ट
पेट्रोल पंप के मैनेजर भानु प्रताप सिंह, निवासी ग्राम चंदूआपट्टी, थाना कंधई हनुमानगंज, जनपद प्रतापगढ़ ने रामनगर कोतवाली में तहरीर देकर चोरी की सूचना दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि पंप की तिजोरी में रखी नकदी सहित तिजोरी चोरी हो गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। हालांकि, आरोपी ने चतुराई दिखाते हुए कैमरों की दिशा बदल दी थी, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
आरोपी निकला पेट्रोल पंप का कर्मचारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर पंप के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच आगे बढ़ने पर संदेह मोनू विश्वकर्मा पर गया, जो पंप पर हवा भरने का काम करता था।
48 घंटे में गिरफ्तारी
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोनू विश्वकर्मा, निवासी तारापुर गुमान, थाना रामनगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
चोरी की वारदात का खुलासा
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी ने 13 अप्रैल की रात करीब 10 बजे इस घटना को अंजाम दिया। उसने पहले अपनी साइकिल को चकरोड के पास खड़ा किया और फिर पेट्रोल पंप पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की दिशा बदल दी। इसके बाद आरोपी ने तिजोरी को साइकिल पर लादा और उसे झाड़ियों के बीच एक गड्ढे में छुपा दिया।
बरामद हुई तिजोरी और नगदी
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तिजोरी को बरामद कर लिया। साथ ही तिजोरी में रखे नौ लाख 11 हजार 180 रुपये भी बरामद किए गए। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल की गई साइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
पुलिस की तत्परता की सराहना
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस की तत्परता और कुशल कार्यशैली की सराहना की जा रही है। महज 48 घंटों के भीतर चोरी की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि इस घटना ने पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट हुआ कि अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता होने पर सुरक्षा उपाय भी कमजोर पड़ सकते हैं।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही मामले की आगे की जांच भी जारी है।


