होली के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए शहर के अस्पतालों ने विशेष तैयारी कर ली है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और नर्स मौजूद रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके। वहीं, गंभीर मामलों के लिए जरूरी दवाइयों और उपकरणों की भी व्यवस्था कर ली गई है। ब्लड बैंक को भी अतिरिक्त ब्लड की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। रंगों और नशापान के कारण होने वाली घटनाओं से निपटने के लिए डॉक्टरों और पारामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। होली के अवसर पर सिर्फ 4 मार्च को रिम्स और सदर अस्पताल रांची में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। होली के दौरान अक्सर लोग नशापान कर वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा रंगों के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं और आंखों में जलन या संक्रमण की शिकायतें भी सामने आती हैं। कई बार होलिका दहन के दौरान लोग लापरवाही के कारण झुलस जाते हैं। इन्हीं संभावित स्थितियों को देखते हुए अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी और पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की भी तैनाती की गई है।


