T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेला जा रहा है। इस बीच इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) मिडिल ईस्ट में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहा है और उसने आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की यात्रा, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा के मद्देनजर इमरजेंसी प्लान शुरू किए हैं।
वर्ल्डकप पर सीधा प्रभाव नहीं
मिडिल ईस्ट में जारी संकट का टूर्नामेंट के आयोजन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं है, लेकिन आईसीसी मानता है कि खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन, मैच अधिकारियों, प्रसारण टीमों और इवेंट स्टाफ सहित बड़ी संख्या में कर्मी खाड़ी क्षेत्र के हब हवाई अड्डों, विशेष रूप से दुबई (DXB), पर निर्भर हैं, जो इवेंट में अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद अपने-अपने देशों में लौटने के लिए प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट हैं।
आईसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारे इवेंट से जुड़े हर व्यक्ति की सुरक्षा और भलाई आईसीसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने पहले ही अपनी ट्रैवल, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीमों को सक्रिय कर दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं कि सभी हितधारक न्यूनतम व्यवधान के साथ सुरक्षित रूप से अपने घर लौट सकें।” प्रवक्ता ने आगे कहा कि आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए यात्रा कर चुके या यात्रा की योजना बना रहे प्रशंसकों से भी अनुरोध है कि वे जारी की जा रही यात्रा सलाहों पर करीबी नजर रखें और किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।
आईसीसी की ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स टीम प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है ताकि वैकल्पिक यात्रा मार्गों की पहचान की जा सके और उन्हें सुरक्षित किया जा सके। इसमें यूरोप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के हब्स के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स शामिल हैं। आईसीसी के सुरक्षा सलाहकार संबंधित प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हालात के अनुसार रियल-टाइम एडवाइजरी जारी करेंगे। इसके अलावा, एक समर्पित आईसीसी ट्रैवल सपोर्ट डेस्क भी सक्रिय कर दिया गया है।
आईसीसी स्थिति को देखते हुए नियमित रूप से अपडेट जारी करता रहेगा और मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुचारु और सुरक्षित समापन की पूरी कोशिश करेगा।


