सीवान नगर परिषद के कर्मी शनिवार से अपने लंबित ईपीएफ, ईएसआईसी, बकाया वेतन व अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के बैनर तले मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है। कर्मियों ने साफ कहा है कि जब तक उनका पूरा बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक कार्य नहीं किया जाएगा। राज्य सचिव अमित कुमार ने बताया कि होली का पावन पर्व नजदीक है और सरकार की ओर से निर्देश है कि सभी कर्मियों को त्योहार से पूर्व वेतन का भुगतान किया जाए। इसके बावजूद फरवरी माह का वेतन अब तक कर्मियों के खाते में नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने से कर्मियों में भारी आक्रोश है और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शेष राशि जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया था उन्होंने जानकारी दी कि 5 फरवरी को हड़ताल की घोषणा के बाद डीएम की पहल पर यूनियन और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार 90 लाख रुपये ईपीएफ मद में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई थी और शेष राशि जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया था। परंतु कर्मियों का आरोप है कि अब तक उनके खाते में एक भी रुपया नहीं आया है। ईएसआईसी कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है, जबकि अंतर वेतन वर्षों से लंबित है। पंप ऑपरेटरों को चार माह और दैनिक व पेंशनधारी कर्मियों को दो माह से भुगतान नहीं हुआ है। स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद बकाया भुगतान नहीं कर्मियों का यह भी आरोप है कि डीएम द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद बकाया भुगतान नहीं हुआ, जबकि मैन पावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों को भुगतान कर दिया गया। उन्होंने ठेका एजेंसियों पर फर्जी संख्या दर्शाकर भुगतान की तैयारी और कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया है। हड़ताली कर्मियों का कहना है कि पूर्व में भी हर बार आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराई गई, लेकिन बाद में वादे पूरे नहीं किए गए। इस बार वे केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक भुगतान होने तक हड़ताल जारी रखेंगे। नगर परिषद प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सीवान नगर परिषद के कर्मी शनिवार से अपने लंबित ईपीएफ, ईएसआईसी, बकाया वेतन व अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के बैनर तले मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है। कर्मियों ने साफ कहा है कि जब तक उनका पूरा बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक कार्य नहीं किया जाएगा। राज्य सचिव अमित कुमार ने बताया कि होली का पावन पर्व नजदीक है और सरकार की ओर से निर्देश है कि सभी कर्मियों को त्योहार से पूर्व वेतन का भुगतान किया जाए। इसके बावजूद फरवरी माह का वेतन अब तक कर्मियों के खाते में नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने से कर्मियों में भारी आक्रोश है और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शेष राशि जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया था उन्होंने जानकारी दी कि 5 फरवरी को हड़ताल की घोषणा के बाद डीएम की पहल पर यूनियन और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार 90 लाख रुपये ईपीएफ मद में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई थी और शेष राशि जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया था। परंतु कर्मियों का आरोप है कि अब तक उनके खाते में एक भी रुपया नहीं आया है। ईएसआईसी कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है, जबकि अंतर वेतन वर्षों से लंबित है। पंप ऑपरेटरों को चार माह और दैनिक व पेंशनधारी कर्मियों को दो माह से भुगतान नहीं हुआ है। स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद बकाया भुगतान नहीं कर्मियों का यह भी आरोप है कि डीएम द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद बकाया भुगतान नहीं हुआ, जबकि मैन पावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों को भुगतान कर दिया गया। उन्होंने ठेका एजेंसियों पर फर्जी संख्या दर्शाकर भुगतान की तैयारी और कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया है। हड़ताली कर्मियों का कहना है कि पूर्व में भी हर बार आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराई गई, लेकिन बाद में वादे पूरे नहीं किए गए। इस बार वे केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक भुगतान होने तक हड़ताल जारी रखेंगे। नगर परिषद प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


