कैमूर में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भभुआ के सदर अस्पताल में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के सिंगल डोज टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि यह वैक्सीन मुख्य रूप से 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत कैमूर जिले को 10,000 डोज प्राप्त हुए हैं। लगभग 14,000 बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य इन डोज के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों में पढ़ने वाली लगभग 14,000 बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रजक ने बताया, “एचपीवी वैक्सीन का सिंगल डोज 14 वर्ष की आयु में देने से लंबे समय तक सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा मिलती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह टीकाकरण अभियान जिले के सभी विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी यह पहल महिलाओं में होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर से बचाव के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण वैक्सीन का टीका अवश्य लगवाएं। कैमूर में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भभुआ के सदर अस्पताल में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के सिंगल डोज टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि यह वैक्सीन मुख्य रूप से 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत कैमूर जिले को 10,000 डोज प्राप्त हुए हैं। लगभग 14,000 बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य इन डोज के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों में पढ़ने वाली लगभग 14,000 बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रजक ने बताया, “एचपीवी वैक्सीन का सिंगल डोज 14 वर्ष की आयु में देने से लंबे समय तक सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा मिलती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह टीकाकरण अभियान जिले के सभी विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी यह पहल महिलाओं में होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर से बचाव के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण वैक्सीन का टीका अवश्य लगवाएं।


