हरियाणा में साइबर ठगों ने अंबाला में हुडा (HUDA) विभाग से रिटायर्ड 61 वर्षीय महिला बेलदार की जीवन भर की जमा पूंजी हड़प ली। उसको ATS अधिकारी बन कर कॉल की गई। बताया गया कि उसका आधार कार्ड आतंकी अफजल खान के पास के पास मिला है। उसके अकाउंट में 70 लाख रुपए का लेन देन हुआ है। उसको डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 15 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार, अंबाला निवासी सुमन ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। वह हुडा (HUDA) विभाग में बेलदार के पद से रिटायर्ड हुई है। सुमन ने बताया कि 17 फरवरी को एक शख्स ने वीडियो कॉल कर खुद को ATS इंस्पेक्टर रणजीत कुमार यादव बताया। उसने कहा कि पहलगाम (JK) में पकड़े गए आतंकी अफजल खान के पास आपका आधार कार्ड मिला है। उसने महिला को कहा कि उसने अपना HDFC बैंक खाता आतंकियों को बेच दिया है। उसमें 70 लाख रुपए आए हैं। जब सुमन ने कहा कि उसका HDFC बैंक में खाता ही नहीं है, तो ठगों ने डराने के लिए ‘राकेश आहूजा’ नाम के फर्जी सीनियर अधिकारी से बात करवाई। साथ ही व्हाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट और NIA के नाम से फर्जी गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश भेजे गए। ठगों ने महिला को धमकाया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, इसलिए परिवार के किसी सदस्य को इसके बारे में न बताएं। ठगों ने कहा कि खातों की जांच के लिए 15 लाख रुपए भेजने होंगे, जो 24 घंटे में वापस मिल जाएंगे। कई दिन से डर के साये में जी रही सुमन ने 23 फरवरी को अपने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते से 15 लाख रुपए आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ठगों द्वारा दिए गए सिटी यूनियन बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए। सुमन ने बताया कि पैसे भेजने के बाद ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया। उसके रुपए भी वापस नहीं आए, तब महिला को ठगी का पता चला। ठगों द्वारा हड़पा गया पैसा महिला को नौकरी से रिटायर होने के बाद मिला था। महिला की शिकायत पर अंबाला साइबर क्राइम पुलिस ने BNS की धारा 127(3), 318(4), 319, 336(3), 338, 340, 61(2) के तहत केस रजिस्टर किया है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जहां पैसा ट्रांसफर हुआ है।


